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जौनपुर जेल में बवाल के बाद अधिकारियों ने सुनी बंदियों की मांग, जांच का दिया आदेश

UP City News | Jun 05, 2021 09:42 PM IST

जौनपुर. उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदी की मौत के बाद हुए बवाल मामले में आईजी एसके भगत व कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने देर रात जेल में हंगामा पर बंदियों की मांगों को सुना. बंदियों ने कैदी की मौत के मामले में डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है. दोनों अधिकारियों ने उनके आरोप और मांग को सुनने के बाद मामले में जांच कराने आश्वासन दिया है. वहीं प्रशासन का कहना है कि अब जिला कारागार में स्थिति सामान्य हो गई है.

गौरतलब है कि यूपी के जौनपुर के जिला कारागार में शुक्रवार शाम को बंदियो ने हंगामा कर दिया था. यहां जमकर तोड़फोड़ भी की है. जेल के अस्पताल में आग लगा दी है. जेल प्रशासन ने पुलिस व पीएसी को बुलाया गया. काफी देर तक हंगामा चलता रहा जेल पर बंदियों ने एक तरह से कब्जा कर लिया था. दरससल, ये हंगामा दोहरा आजीवन कारावास पाए कैदी बागेश मिश्र उर्फ सरपंच की शुक्रवार दोपहर मौत होने के बाद शुरू हुआ था. मृतक के भाई ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था. इसके बाद अन्य कैदी भड़क उठे थे.

भागेश मिश्रा 6 जनवरी 2021 से जेल में बंद था. जेल में तबीयत खराब होने के कारण जिला कारागार के अस्पताल में भर्ती किया गया था. तबीयत बिगड़ने पर जेल अधीक्षक एसके पांडे ने सुरक्षा के साथ कैदी को जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा. जिला अस्पताल ले जाते वक्त कैदी की मौत हो गई. साथी कैदी की मौत की खबर सुनते ही जेल में कैदियों ने हंगामा शुरू कर दिया. देखते-देखते जेल के अंदर कैदियों ने जेल अस्पताल में आग लगा दी. इस दौरान जेल प्रशासन ने कई राउंड आंसू गैस के गोले भी छोड़े.

इसके बाद जिला प्रशासन के हाथ—पांव फूल गए. तमाम आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया गया. इसके बाद आईजी एसके भगत व कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने देर रात जेल में हंगामा करने वाले बंदियों से मिले और उनकी मांग को सुना. जिसमें जेल के अंदर अस्पताल मे डाक्टर की लापरवाही से प्रधान पति बागीश मिश्रा की मौत की जांच की मांग की गई. जिसकी जांच डीएम को कराने के लिए आदेश दे दिया गया. जांच में बंदियों का आारोप सही साबित होने पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है.

वहीं आईजी एसके भगत और कमिशनर दीपक अग्रवाल ने बताया कि दोनों पहलुओं पर जांच की जा रही है कि डाक्टर की अगर लापरवाही होगी तो कार्रवाई की जाएगी. अगर जेल के अंदर उपद्रव करने वालों की गलती साबित हुई तो उन पर कार्रवाई की जाएगी. इस पहलू पर भी जांच की जा रही है. डीएम और एसपी को पूरे मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं.