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सात कत्‍ल की दोषी शबनम को मथुरा जेल में दी जाएगी फांसी, जानें क्‍या है जेल का हाल

UP City News | Feb 21, 2021 03:22 PM IST

मथुरा. देश में चर्चा में आए शबनम—सलीम फांसी केस में आरोपियों को फांसी देने की तैयारी शुरू हो गई है. इसके लिए मथुरा जेल के महिला फांसीघर को तैयार कराया जा रहा है. हालांकि इस विषय में जेल प्रशासन को अभी कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला है. उत्तर प्रदेश का एकमात्र महिला फांसी घर मथुरा जेल में ही है. मथुरा की जिला जेल वर्ष 1870 में बनी थी. अधिकारियों के मुताबिक फांसीघर के नाम पर केवल एक छोटा सा कमरा है. जिसमें बहुत सी कमियां हैं. इसमें लीवर और तख्ता आदि भी नहीं हैं. यहां तक कि सीढ़ियां भी जर्जर अवस्था में हैं.

सात खून करने के दोषी शबनम-सलीम के मामले में जिला जज अमरोहा द्वारा केस की अंतिम रिपोर्ट के लिए 23 फरवरी की तारीख तय कर दी गई है. इस दिन डीजीसी बताएंगे कि केस में अदालत के फांसी के फैसले के खिलाफ कोई अपील लंबित है या नहीं। इसके बाद ही जिला जज द्वारा फांसी देने के संबंध में कोई निर्णय लिया जाएगा.

यह था मामला
13 साल पहले अमरोहा के एक परिवार के 7 लोगों की हत्या कर दी गई थी. शुुरुआत में यह मामला जमीन विवाद का बताया गया. बाद में पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो शबनम और उसके साथी ने सारा सच उगल दिया. शबनम ने प्रेमी सलीम के साथ मिलकर अपने पिता मास्टर शौकत, मां हाशमी, भाई अनीस और राशि, भाभी अंजुम और फुफेरी बहन राबिया की हत्या कर दी थी. मासूम भतीजे अर्श की गला दबाकर जान ले ली थी. अमरोहा कोर्ट में दो साल तीन महीने तक मामले की सुनवाई चली थी. 14 जुलाई 2010 करे शबनम और सलीम को फांसी की सजा सुनाई गई थी.

बेटे ने सजा माफी की गुहार लगाई
अमरोहा की रहने वाली शबनम को मथुरा जेल में फांसी दी जाएगी, लेकिन उसके बेटे ताज ने राष्टपति से अपनी मां की सजा को माफ करने की गुहार लगाई है. उसने कहा कि अंकल मेरी मां को माफ कर दो. ताज का जन्म 13 दिसंबर 2008 को हुआ था. वह बुलंदशहर के सुशील विहार कॉलोनी मेें रहने वाले उस्मान सैफी के पास रहता है.