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कौन थे महाराजा सुहेलदेव? Who Was Maharaja Suheldev?

UP City News | Feb 19, 2021 07:50 AM IST

बहराइच. वसंत पंचमी के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहराइच में महाराजा सुहेलदेव के स्मारक का शिलान्यास किया. इसके साथ ही महाराजा सुहेलदेव की विरासत पर सियासी जंग तेज हो रही है. एक तरफ सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेतृत्व वाली ओमप्रकाश राजभर की टीम उन पर पहले से ही उनकी विरासत का दावा ठोक रही है, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी के सांसद कमलेश पासवान ने सुहेलदेव पासी के नाम से उस स्मारक का नाम रखने की मांग की है. इस लेख में हम आपको बताते हैं कि कौन है महाराजा सुहेलदेव जिन पर सियासत गरमाई हुई है. बता दें महाराजा सुहेलदेव के बारे में अमीर खुसरो की किताब एजाज़-ए-खुसरवी और 17वीं सदी की किताब मिरात-ए-मसूदी में जिक्र मिलता है. हालांकि इतिहास में महाराजा सुहेलदेव के बारे में जानकारी ना के बराबर है. इतिहासकारों का कहना है इस तथ्य की कोई पुष्टि नहीं है कि सुहेलदेव नाम के राजा भारतीय इतिहास में थे, क्योंकि उनके नाम के ना तो कोई सिक्के मिले, ना ही ऐसा कोई अभिलेख मिला है. हालांकि पौराणिक कथाओं में राजा सुहेलदेव का जिक्र होता रहता है. एक तरफ महाराजा सुहेलदेव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर संदेह है, तो दूसरी तरफ उनकी जाति को लेकर विवाद है. राजा सुहेलदेव के बारे में समाजशास्त्री प्रोफेसर बद्रीनारायण ने लिखा है कि महाराजा सुहेलदेव भर समुदाय के राजा माने जाते थे और उस समय जो लाठी के बल पर मजबूत होता था. वही राजा बनता था. इसलिए यह माना जा सकता है कि राजा सुहेलदेव भर समुदाय के राजा थे. दूसरी तरफ पासी समुदाय के लोग महाराज सुहेलदेव पर अपनी विरासत ठोंकती है. इसी बीच राजपूत संगठनों ने भी राजा सुहेलदेव को क्षत्रिय समाज का बताते हुए उनका पूरा नाम महाराज सुहेलदेव बैस बताया है.