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सरकार का आदेश भर्ती करने से मना नहीं कर सकते अस्‍पताल, कानपुर में मरीज को भगाया

UP City News | Apr 28, 2021 09:16 PM IST

कानपुर. यूपी के कानपुर में हैलट हॉस्पिटल में जूनियर डाक्टर द्वारा एक मरीज को एडमिट न करने का मामला सामने आया है. आरोप है कि बेड खाली होने के बावजूद डॉक्‍टरो ने बुजुर्ग महिला को एडमिट नहीं किया. जबकि वो ऑक्‍सीजन के सहारे अस्‍पताल में आई थी. ये हाल तब है जब खुद सीएम योगी आदित्‍यनाथ का निर्देश है कि किसी भी मरीज को भर्ती करने से प्राइवेट अस्‍पताल तक मना नहीं कर सकते हैं और सरकारी अस्‍पताल में मरीज को भर्ती नहीं किया जा रहा है. जबकि अस्‍पताल में बेड खाली होने की बात भी कही जा रही है.

धरती के भगवान कहे जाने वाले मरीजों के साथ किस तरह का व्‍यवहार कोरोना काल में कर रहे हैं उसकी एक नजीर कानपुर के हैलट अस्‍पताल में देखने को मिली है. आरोप है कि जूनियर डाक्टर हैलट हॉस्पिटल में मरीजों का इलाज करना तो दूर वे उन गंभीर मरीजों को भी इमरजेंसी से भगा रहे है. जबकि मरीज को ऑक्‍सीजन के सहारे सांसे ले रही थी और ऐसे मेंं ये समझा जा सकता है कि उसे इलाज की कितनी सख्‍त जरूरत रही होगी.

बताया गया कि सत्तर वर्षीय दुर्गा देवी को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. परिजनों ने ऑक्‍सीजन की व्‍यवस्‍था की और उसी के सहारे लेकर हैैलट अस्‍पताल पहुंचे थेे. उनकी कोरोना की जांच कराई गई थी लेकिन रिपोर्ट अभी तक आई नहीं थी. परिजनों का कहना था कि जब सीएम योगी का आदेश है कि मरीजों को भर्ती करने से मना नहीं किया जा सकता है लेकिन अस्‍पताल में भर्ती नहीं किया गया है.

जबकि परिजनों का कहना था कि हैलट अस्‍पताल में जो बगैर ऑक्सीजन के आ रहा हैै उसे ऑक्सीजन न होने की बात कहकर जो ऑक्सीजन लेकर आ रहा है उसे बेड नही के होने के नाम पर भगाया जा रहा है. जबकि बेड खाली हैै इसके बावजूद इलाज नहीं मिल रहा है. आरोप येे भी है कि मरीजों के परिजजनों ने गलत सुलूक भी किया जा रहा हैै.