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ये क्या? एमपी के रीवा में श्मशान घाट ही चोरी हो गया...सब हैरान!

ये क्या? एमपी के रीवा में श्मशान घाट ही चोरी हो गया...सब हैरान!
UP City News | Aug 02, 2022 03:43 PM IST

रीवा. मध्य प्रदेश के रीवा जिले में गंगेव जनपद पंचायत के सेदहा गांव में मुक्तिधाम का निर्माण निर्धारित स्थान पर नहीं कराया गया. अधिकारियों ने स्थान को बदलकर पैसे का बंदरबांट किया. ग्राम पंचायत सेदहा में मुक्तिधाम के निर्माण के लिए 14 लाख 95 हजार रूपये की स्वीकृत हुई थी. इसका निर्माण निर्धारित स्थान पर नहीं कराया गया. एक आरटीआई एक्टिविस्ट ने इसकी शिकायत कमिश्नर रीवा अनिल सुचारी से की. जब इसकी जांच की गई तो लगभग 15 लाख रुपये खर्च कर बना मुक्तिधाम निर्धारित स्थान से 15 किलोमीटर दूर चट्टानों के बीच मिला. वहां केवल पत्रों की चारदीवारी ही थी.

सेदहा पंचायत के बघबिल नाम की जगह पर शासकीय राजस्व नंबर तीन पर 14 लाख 95 हजार रुपये खर्च कर मुक्तिधाम का निर्माण वर्ष 2014-16 के बीच में बनाया गया था. गलत जगह निर्माण की जांच कमिश्नर रीवा अनिल सुचारी ने सिरमौर के अनुविभागीय अधिकारी नीलमणि अग्निहोत्री से इसकी जांच करने को कहा. एसडीएम सिरमौर नीलमणि अग्निहोत्री ने पटवारी की टीम भेजकर जब 28 जुलाई को जांच की तो पता चला कि मुक्तिधाम सेदहा पंचायत में है ही नहीं. जांच के दौरान यह मुक्तिधाम नजदीकी हिनौती पंचायत के गदही गांव के रकबा नंबर 24-27 में बनाया था. मामले की सच्चाई सामने आने के बाद ग्रामीणों के साथ ही अधिकारी भी इस बात से हैरान हैं कि आखिर सेदहा पंचायत में बनाया गया मुक्तिधाम हिनौती पंचायत में कैसे पहुंच गया.
इसके बाद सवाल यह उठ रहा है कि रिहायशी इलाके से 15 किलोमीटर दूर जंगल, पहाड़, नदी, नालों को पार करते हुए बनाए गए इस मुक्तिधाम की कोई उपयोगिता है.

मुक्तिधाम मामले में लापरवाही बरतने के बाद विरोध करते लोग

ग्रामीणों ने का कहना है कि जब यह मुक्तिधाम बना तब किसी को पता ही नहीं है कि वहां पर मुक्तिधाम है. सभी लोग इसे किसी की निजी भूमि को कवर करने के लिए बनी चार दीवारी समझते थे. जब लोगों को यह जानकारी मिली कि पंचायत विभाग के रिकॉर्ड में यह पत्थरों से घिरी हुई जगह ही 15 लाख रुपये से तैयार मुक्तिधाम है. इसके बाद लोगों ने सवाल खड़ा करना शुरू कर दिए. विभागीय जांच के दौरान जब मामला साफ हो गया तो ग्रामीणों ने यह मांग की कि इस पूरे मामले में जिस इंजीनियर ने लेआउट जारी किया. जिस इंजीनियर ने इसकी तकनीकी स्वीकृती दी. जिस सहायक यंत्री उपयंत्री एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने इसमें पूर्णता और उपयोगिता प्रमाण पत्र जारी किया उन सबके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाए. मुक्तिधाम बनाने के लिए आई राशि की बंदरबाट करने वाले अधिकारियों से राशि को वसूले जाने की मांग की है.

मामले की जांच रिपोर्ट ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन यंत्री और अनुविभागीय अधिकारी सहित राजस्व विभाग के पटवारी आरआई और अनुविभागीय दंडाधिकारी अब कमिश्नर को सौंपेंगे.आरटीआई कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी का आरोप है कि यह मुक्तिधाम निर्धारित स्थान से 15 किलोमीटर की दूरी पर दूसरी ग्राम पंचायत में जंगली और पहाड़ी इलाके में बना है. यहां पहुंचने का रास्ता काफी दुर्गम है. मौके पर मुक्तिधाम में चारदीवारी बनाई गई है.

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