मंदी की आशंका के बीच अब गोल्डमैन सैच ने की हजारों लोग निकालने की तैयारी, जारी किया वॉयस मेमो

बीते साल पूरी दुनिया में आईटी कंपनियों से शुरू हुआ छटनी का सिलसिल अब इस साल भी बना हुआ है. अब ग्लोबल इनवेस्टमेंट बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस कंपनी गोल्डमैन सैच (Goldman Sachs) अपने यहां अब तक की सबसे बड़ी छंटनी (biggest round of layoffs) की तैयारी कर रही है. इस छंटनी के कारण इस सप्ताह से हजारों कर्मचारियों इससे प्रभावित होंगे. समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बात करने वाले एक सूत्र ने कहा कि नौकरियों में कटौती सिर्फ 3,000 से अधिक होने की उम्मीद है लेकिन अंतिम संख्या अभी तय करना बाकी है. हालांकि ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट ने बैंक में छंटनी की संख्या 3,200 होने का अनुमान लगाया गया है और यह प्रक्रिया कुछ दिनों में शुरू हो जाएगी. माना जा रहा है कि छंटनी का अधिकांश हिस्सा कोर ट्रेडिंग और बैंकिंग इकाइयों से होगा जो नौकरी में कटौती के बुरे हालात को दर्शाता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि वैश्विक वित्तीय बाजारों में बढ़ती अस्थिरता के बीच संस्थागत बैंक कॉर्पोरेट डील को लेकर उदासीनता दिखा रहे हैं. सानिया जल्द ले लेंगी संन्यास, जानें अपना आखिरी मुकाबला कहां और कब खेलेंगी यहां गौर करने वाली बात यह है कि तीसरी तिमाही के अंत तक गोल्डमैन सैक्स ने कोविड-19 महामारी के दौरान बड़ी संख्या में नई भर्तियां की थीं जिससे उसके कर्मचारियों की संख्या 49,000 तक पहुंच गई थी. मिल रही जानकारी के मुताबिक साल के अंत में भेजे गए वॉयस मेमो में कर्मचारियों की संख्या में कमी के बारे में चेतावनी दी गई थी. हालांकि, उस वक्त मेमो पर गोल्डमैन सैक्स ने कोई टिप्पणी नहीं की थी. बताया जा रहा है कि ये हालात बिगड़ते वैश्विक आर्थिक माहौल के चलते बने हैं जिसने उद्योगों में कई कंपनियों को अपनी विस्तार रणनीतियों पर पुनर्विचार करने और लागत में कटौती पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मजबूर किया है जबकि आईटी इंडस्ट्री में कर्मचारियों को छंटनी से सबसे ज्यादा प्रभावित किया गया है. फाइनेंस सेक्टर, सर्विस सेक्टर के लोगों को भी कड़ी चोट लगी है. सिटीग्रुप, बार्कलेज जैसी अन्य महत्वपूर्ण फर्मों ने भी वैश्विक मंदी की आशंकाओं के बीच घटते राजस्व को देखते हुए अपने पदों में कटौती की है. आईटी और वित्तीय सेवाओं जैसे उद्योगों में कर्मचारियों के लिए स्थिति और खराब हो सकती है क्योंकि मध्यम आकार की कंपनियां जल्द ही वैश्विक आर्थिक मंदी के खिलाफ एहतियाती उपाय के रूप में बड़ी कंपनियों के फैसलों की नकल करना शुरू कर सकती हैं.