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UP City News | Feb 11, 2021 04:08 PM IST

तस्वीरों में देखें मौनी अमावस्या पर संगम तट पर हजारों लोगों ने किया स्नान

<strong>प्रयागराज.</strong> तीर्थराज कहे जाने वाले संगम नगरी प्रयागराज में 11 फरवरी वृहस्पतिवार को माघ मास के प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या की पुण्य की डुबकी लोग लगा रहे हैं. कोविड 19 के इस दौर में शासन प्रशासन की तरफ से व्यापक पैमान पर तैयारी की गई है.

इस बार मौनी अमावस्या पर पुण्य की डुबकी के लिए आठ घाट बनाये गए हैं. जिनकी लंबाई तकरीबन साढ़े आठ हजार फीट है. मेले में एक दिन पहले से ही भीड़ जुटने लगी थी.

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इस बार माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन बुधवार को एक दुर्लभ संयोग बना. जानकारों की मानें तो इस बार संगम अथवा गंगा में स्नान, दान व ध्यान लगाने वाले श्रद्धालु को 21 अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य लाभ होता है. आचार्य अतुल बलुआ के मुताबिक कृष्णपक्ष की अमावस्या तिथि 10 फरवरी बुधवार रात्रि 12:19 बजे लगकर गुरुवार रात्रि 11:48 तक रहेगा.

इसलिए 11 फरवरी को दिनभर अमावस्या का योग रहेगा. श्रवण नक्षत्र वरीयान योग रहेगा. उन्होंने बताया कि मकर राशि में चंद्रमा, सूर्य, बुध, गुरु, शुक्र व शनि का साथ संचरण होने से महोदय नामक योग बनेगा. महोदय योग में स्नान और पितरों का पूजन करना समस्त कामनाओं को सिद्ध करता है.

मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पार्किंग और स्नान घाट बनाये गए थे. श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसलिए कई रास्तों को वन वे किया गया है. मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि सेक्टर पांच में वाहनों की पार्किंग बनाई गई है. वाराणसी, गोरखपुर की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं को झूंसी से होते हुए सेक्टर पांच भेजा गया.

वहां पर वाहन पार्क करने के बाद स्नान कर सकते हैं. परेड मैदान में पहले से बनी पार्किंग चलती रही. सेक्टर तीन में भी एक पार्किंग बनाई गई है. संगम नोज पर एक किमी. से लंबा घाट तैयार किया गया है.