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UP City News | Feb 09, 2021 07:19 PM IST

उत्तराखंड ट्रेजेडी में मेरठ के 10 मजदूरों का नहीं चला कुछ पता, परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़

उत्तराखंड की प्रलय में मेरठ के दस कर्मचारी लापता हैं. जिसमें चार कसेरूखेडा और कुछ परतापुर के शामिल हैं. यह सभी लोग तपोवन से 18 किमी उपर सरायसोटा में जियो टावर लगाने का कार्य करने गए थे.

उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया था. अब तक राहत और बचाव कार्य के दौरान चमोली जिला पुलिस ने 19 शव मिलने की पुष्टि की है. अभी भी 202 से अधिक लोग लापता बताये जा रहे हैं, प्रलय में मेरठ के दस कर्मचारी भी लापता है. जिसमें चार कसेरूखेडा और कुछ परतापुर के शामिल हैं.

22 वर्षीय प्रदीप की माँ ने बताया की यह सब 4 तरीक को घर से निकल गए थे. प्रदीप के साथ कुल आठ लोग साथ हैंं. किसी से अभी तक कोई संपर्क नहीं हो पाया है.

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ये सभी तपोवन में मोबाइल टावर में इलेक्ट्रिक संबंधी कार्य कर रहे थे. किसी से भी संपर्क कर पाना मुश्किल हो गया है सभी के मोबाइल नंबर बंद और नेटवर्क एरिया से बाहर बता रहे हैं.

ट्रेजेडी ने सभी लापता लोग सौरभ नमक व्यक्ति की व्यवस्था पर मेरठ से रवाना हुए थे. रोहित नाम का व्यक्ति टीम को लीड कर रहा था. वो भी अभी तक लापता है.

मेरठ के लोग रोहित प्रजापति (22) पुत्र जगबीर सिंह, प्रदीप (24) पुत्र लक्ष्मण, बालकराम (25) पुत्र शेर सिंह, अतुल (21) पुत्र सक्कू ये सभी निवासीगण आजाद नगर मोहल्ला, कसेरूखेड़ा थाना गंगानगर के हैं. वहीं नजीबाबाद (बिजनौर) से सुभाष (41) है. अमरोहा के (लीडर) रोहित (28) पुत्र महेंद्र, महिपाल (35) पुत्र जयपाल सिंह, कवेंद्र सिंह (25) पुत्र जयपाल सिंह, थान सिंह (45) पुत्र राम स्वरूप, सनी दत्त (24) ये सभी निवासीगण ग्राम सौंथ, थाना - सैद नंगली, तहसील - हसनपुर, जिला अमरोहा के हैं. यह सभी लापता है.