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UP City News | Jun 16, 2021 12:49 PM IST

महराजगंज : दर्जिनिया लेक पर द‍िखा कुछ ऐसा क‍ि देखने के ल‍िए लग गई पर्यटक भीड़

उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में भी पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं. मौजूदा समय में वन विभाग की मुहिम रंग ला रही है. सोहागी बरवा जंगल मे पर्यटकों को आकर्षित कर रही है दर्जनिया ताल, जहां मगरमच्छ और घड़ियाल देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है

पड़ोसी देश नेपाल के हिमालय की चोटी से निकली नारायणी नदी के तट एवं सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल रेंज के मनोरम वादियों के बीच स्थित दर्जिनिया ताल है. दर्जनिया ताल मतलब मगरमच्छों का बसेरा बन चुका है ,यहां पर्यटन के अनगिनत रंग बिखरे हैं.

एक ताल में करीब 350 मगरमच्छ रहते हैं जिसे सुबह शाम आसानी से देखा जा सकता है. ताल में निर्मित टीलों पर अपने बच्चों के साथ खेलते व झुंडों में मगरमच्छ लुभावने लगते हैं. जब मगरमच्छ अपने शिकार के लिए टीलों से पानी मे छलांग लगाते हैं, तो नजारा देखते ही बनता है. इसके अलावा ताल से थोड़ी दूरी पर बहने वाली नारायणी गंडक नदी है,जिसमे डॉलफिन (गंगा चीता) व घड़ियाल भी देखे जा सकते हैं.

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यहां मगरमच्छ-घड़ियाल दोनों देखकर पर्यटक लुप्त उठाते हैं. नारायणी नदी के तट के किनारे वन विभाग ने एक रेस्ट हाउस भी बना रखा है. जहां पर दूर दराज के पर्यटक अपने परिवार तथा दोस्तों के साथ ठहरकर मनोरम वादियों का आनंद लेते हैं.

दर्जनिया ताल पर्यटन और मगरमच्छों को आसानी से घंटों तक देखने के लिए नवंबर से मार्च का महीना सबसे बेहतर माना जाता है. ठंड के दौरान मगरमच्छ ज्यादातर समय रेस्टिंग आइलैंड पर बिताते हैं. मगरमच्छों की अठखेलियां करते हुए देखा जा सकता है.