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UP City News | Aug 31, 2021 01:52 PM IST

Photos : गोरखपुर के राजधानी गांव में मिला खजाना, कुषाण—मौर्यकाल से जुड़ा है रहस्य

सपा नेता कालीशंकर ने अपने साथियों के साथ गांव राजधानी में 2600 वर्ष पुराने मादृभंड प्राप्त किए हैं. इसकी जानकारी उन्होंने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों को दी. इस पर पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने उन्हें मिट्टी के बर्तनों के मध्य, कुषाण और मौर्यकालीन होने की जानकारी दी.

काली शंकर ने बताया यही राजधानी का क्षेत्र ही पिपली वन था. आज भी यहां सैकड़ों वर्ष पुराने पीपल के वृक्ष मिलते हैं. यह क्षेत्र मौर्यवंश का बहुत महत्वपूर्ण इतिहास समेटे है. शायद चंद्रगुप्त मौर्य यही पैदा हुए थे और यही राजधानी उनकी महत्वपूर्ण स्थल रही होगी. हालांकि यह वृहद शोध का विषय है.

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सपा नेता काली शंकर ने सरकार से मांग की कि तत्काल ही क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर खुदाई किया जाए और चौरीचौरा के अति प्राचीन इतिहास को विश्व के सामने रखा जाए. इस क्षेत्र को पर्यटन के रूप में विकसित करने की कार्य योजना भी तैयार की जाए.

बता दें​ कि सपा नेता कालीशंकर ने बताया कि पूर्व में उनकी मांग पर ब्रह्मपुर ब्लॉक के गौरसयरा गांव में पुरातत्व विभाग ने 2000 साल पुराना स्तूप और तेरहवीं शताब्दी की मूर्तियों की तस्दीक की थी. इसके बाद भी वह गांव राजधानी में अपने साथियों के साथ लगातार शोध कर रहे हैं.