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जानिए! क्यों बना? मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ने का रिवाज़

जानिए! क्यों बना? मकर संक्रांति के दिन पतंग उड़ने का रिवाज़
UP City News | Jan 13, 2021 07:31 PM IST

भारत के प्रमुख त्योहारों में शुमार मकर संक्रांति का पर्व प्रत्येक वर्ष जनवरी माह में मनाया जाता है. यूं तो अन्य त्योहारों की भांति मकर संक्रांति के अवसर पर भी कुछ परंपराओं का पालन किया जाता है. लेकिन इन परंपराओं और मान्यताओं के बीच एक चीज जो पूरे त्योहार में आकर्षण का केन्द्र बनकर सामने आती है, वह है पतंग उड़ाना.

मकर संक्रांति के मौके पर न सिर्फ हर उम्र के लोग पूरे जोश और मस्ती से पतंग उड़ाते हैं, बल्कि कई जगहों पर तो पतंगोत्सव का एक भव्य आयोजन भी किया जाता है या फिर कई तरह की प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं. जिसमें पूरे देश के पतंगबाज शामिल होते हैं और अपने दांव−पेचों से अपना ही नहीं दूसरों का भी मनोरंजन करते हैं.

लेकिन वास्तव में इस मौके पर पतंग क्यों उड़ाई जाती है इसके कई कारण है. पतंग शुभ संदेश की वाहक मानी जाती है. मान्यता है कि पतंग खुशी, उल्लास, आजादी और शुभ संदेश की वाहक है. इस दिन से घर में सारे शुभ काम शुरू हो जाते हैं. यह काम पतंग की तरह ही सुंदर, निर्मल और उच्च कोटि के हों इसलिए पतंग उड़ाई जाती है. नई सोच और शक्ति के साथ पतंग उड़ाने से दिल खुश और दिमाग संतुलित रहता है. उसे ऊंचाई तक उड़ाना और कटने से बचाने के लिए हर पल सोचना इंसान को नई सोच की प्रेरणा और शक्ति देता है. इस कारण पुराने जमाने से लोग पतंग उड़ा रहे हैं.