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पूर्व कुलपति प्रो. खेत्रपाल नहीं रहे, शोध के लिए केजीएमयू को दान की जाएगी देह

पूर्व कुलपति प्रो. खेत्रपाल नहीं रहे, शोध के लिए केजीएमयू को दान की जाएगी देह
UP City News | Jul 21, 2021 11:16 PM IST

प्रयागराज. इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और जाने माने विज्ञानी प्रोफेसर सीएल खेत्रपाल का बुधवार को लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज (एसजीपीजीआई) में निधन हो गया. उनका पार्थिव शरीर शोध अनुसंधान के लिए लखनऊ के किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी को दान में दिया जाएगा.
बताया गया है कि प्रो. खेत्रपाल बीमार चले रहे थे. पीजीआई में भर्ती थे। बुधवार को उनका निधन हो गया. उनके बेटे मुनीश ने बताया कि उनकी इच्छा थी कि विज्ञान में लगातार नए आयाम गढ़े जाएं। इस लिहाज से उनका देह केजीएमयू को दान में दिया जाएगा.

प्रो. खेत्रपाल का जीवन परिचय
-प्रो. खेत्रपाल का जन्म 25 अगस्त 1937 को हुआ था.
-उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई पूरी की.
-1959 में मुंबई के प्रतिष्ठित परमाणु ऊर्जा स्थापना प्रशिक्षण स्कूल से परास्नातक की पढ़ाई की.
- 1965 में उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च से पीएचडी की उपाधि हासिल की.
-पोस्ट डाक्टरल के दौरान प्रोफेसर खेत्रपाल ने 1967 से 1969 तक स्विटजरलैंड के बेसल यूनिवर्सिटी में शोध किया.
-1973 में वह भारत लौटे और बंगलुरु के रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट मेंं बतौर शिक्षण कार्य शुरू किया. प्रोफेसर जीएन रामचंद्रन के सुझाव पर --1977 में भारत के पहले परमाणु चंबकीय अनुनाद रिसर्च सेंटर की स्थापना की, जो अब एनएमआर रिसर्च सेंटर के नाम जाना जाता है.
-वह 1979 से 1984 तक विज्ञान के क्षेत्र में शोध के लिए विदेश चले गए.
-1998 में वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति नियुक्त किए गए. यहां वह 2001 तक पद पर रहे.
-वह संजय गांधी पीजीआई लखनऊ में 2001-06 तक प्रोफेसर रहे.
-वह यहां सेंटर ऑफ बायोमेडिकल मैग्नेटिक रेजोनेंस के संस्थापक निदेशक भी रहे.
-उनकी 260 पुस्तकें प्रकाशित हैं। सैकड़ों पुस्तकों की समीक्षा की.