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हाई कोर्ट बेंच पर केंद्र और प्रदेश सरकार आमने-सामने, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा-आगरा में नहीं बनेगी हाईकोर्ट बेंच

हाई कोर्ट बेंच पर केंद्र और प्रदेश सरकार आमने-सामने, मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा-आगरा में नहीं बनेगी हाईकोर्ट बेंच
UP City News | Nov 24, 2021 08:33 AM IST

प्रयागराज. आगरा में इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ बनाने को लेकर केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजजू के बयान पर भाजपा ही दो फाड़ नजर आ रही है. हाईकोर्ट बेंच को लेकर आगरा के वकीलों ने खुशी जाहिर की है तो मेरठ और प्रयागराज के वकीलों में खासी नाराजगी है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों की नाराजगी को देखते हुए यूपी के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का कोई भी बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नहीं बनेगा. आगरा में बेंच बनाए जाने के केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजूजी के बयान पर पूछे गए सवाल पर सिद्धार्थनाथ ने कहा कि इस तरह की कोई योजना नहीं है और न ही भविष्य में कोई तैयारी है. कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के इस बयान से प​श्चिमी उत्तर प्रदेश के वकीलों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. ऐसे में भाजपा के लिए हाईकोर्ट बेंच परेशानी का सबब बन गई है.

केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू द्वारा आगरा में हाईकोर्ट खंडपीड बनाने की बात कहे जाने पर जहां आगरा के अधिवक्ताओं ने खुशी जताई तमो प्रयागराज के वकीलों ने एतराज. वकीलों ने केंद्रीय मंत्री के बयान की निंदा करने के साथ ही पूरे मामले पर विचार करने के लिए मंगलवार को आम सभा की बैठक बुलाकर मोदी सरकार के फैसले पर कड़ा एतराज जताया. इस नाराजगी को दूर करने के लिए कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने एक बयान जारी कर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकीलों की नाराजगी को मोल ले लिया. यूपी के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट का कोई भी बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश में नहीं बनेगा. आगरा में बेंच बनाए जाने के केंद्रीय कानून मंत्री किरन रिजूजी के बयान पर पूछे गए सवाल पर सिद्धार्थनाथ ने कहा कि इस तरह की कोई योजना नहीं है और न ही भविष्य में कोई तैयारी है.

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष अमरेंद्र नाथ सिंह ने कानून मंत्री के बयान को गैर जिम्मेदाराना व असंवैधानिक बताया. कहा कि केंद्रीय मंत्री ने जसवंत सिंह कमीशन के आधार पर बयान दिया है. आयोग की वह रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य के गठन के बाद निरर्थक हो चुकी है. जब तक न्यायालयों में न्यायाधीशों के वर्षों से रिक्त पदों को नहीं भरा जाता, तब तक आगरा या मेरठ में खंडपीठ स्थापित करना न्यायिक समस्या का समाधान नहीं होगा.

वहीं कैबिनेट सिद्धार्थनाथ सिंह के बयान पर आगरा के वकीलों ने नाराजगी जाहिर की. सीनियर एडवोकेट अमीर अहमद ने कहा पहले तो केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार ये तय कर ले कि क्या बोलना है और क्या करना है.केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू कहते हैं कि आगरा में हाईकोर्ट की बेंच बनेगी और प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह कहते हैं कि नहीं बनेगी. भाजपा की दोनों की सरकारों में विरोधाभास बना हुआ है. अगर सिद्धार्थनाथ सिंह कहते हैं कि आगरा में बेंच नहीं बनेगी तो उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वकील और आम पब्लिक की नाराजगी का सामना करना पड़ेगा.