सिटी न्यूज़

इलाहाबाद हाईकोर्ट: मैनपुरी में नवोदय छात्रा की मौत के मामले में डीजीपी को फटकार, प्रयागराज न छोड़ने के आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट: मैनपुरी में नवोदय छात्रा की मौत के मामले में डीजीपी को फटकार, प्रयागराज न छोड़ने के आदेश
UP City News | Sep 15, 2021 06:58 PM IST

प्रयागराज. यूपी के मैनपुरी जिले में दो साल पहले विद्यालय में हुई एक नाबालिग छात्रा की हत्या के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजीपी मुकुल गोयल गोयल को तलब किया. डीजीपी सुबह दस बजे हाईकोर्ट में पहुंच गए. कोर्ट ने छात्रा की हत्या से जुड़े कई सवाल डीजीपी से किए और कहा कि इस हत्याकांड में अभियुक्तों का बयान लेकर छोड़ दिया गया. उनकी गिरफ्तारी तक नहीं की गई. कोर्ट ने डीजीपी से एफआईआर की कॉपी अपने सामने पढ़वाई और इसी के साथ जमकर फटकार भी लगाई.

कल कोर्ट में फिर होनी है सुनवाई
मैनपुरी में जवाहर नवोदय विद्यालय में नाबालिग छात्रा की हत्या के मामले में डीजीपी मुकुल गोयल को कोर्ट में तलब किया गया था. कोर्ट ने डीजीपी से सवाल-जवाब किए. डीजीपी को एसपी मैनपुरी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए. कार्रवाई नहीं किए जाने पर कड़े कदम उठाने की भी बात कही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि हमें खुद बताना पड़ रहा है कि इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ है. अभिलेखों की अच्छी तरह से देख लीजिए और पूरा मामला समझ लीजिए. इसके बाद कल (गुरुवार) सुबह दस बजे पूरी तैयारी के साथ कोर्ट में उपस्थित होना है. अब इस मामले की सुनवाई गुरुवार सुबह 10:00 बजे होगी. तब तक आप प्रयागराज से नहीं जाएंगे.

फांसी पर लटकती मिली थी नाबालिग छात्रा
16 सितंबर 2019 को 16 वर्षीय छात्रा अपने जवाहर नवोदय विद्यालय में फांसी पर लटकी मिली थी. पुलिस ने शुरू में दावा किया था कि यह आत्महत्या का मामला है. जबकि उसकी मां ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसे परेशान किया गया. पीटा गया और जब वह मर गई तो उसे फांसी के फंदे पर लटका दिया गया. मृतका के पिता ने सीएम योगी से जांच की गुहार लगाई थी तो एसआईटी ने जांच की थी. 24 अगस्त 2021 को एसआईटी टीम ने केस डायरी हाईकोर्ट में रखी.

तत्कालीन पुलिस कप्तान पर कार्रवाई के आदेश
डीजीपी से सवाल-जवाब के दौरान कोर्ट ने आज तत्कालीन एसपी पर कार्रवाई करने का आदेश दिया. तत्कालीन एसपी अजय राय अब रिटायर हो चुके हैं. बताया गया है कि तत्कालीन एसपी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश था. इस आदेश को निरस्त कराकर अजय राय रिटायर हो गए हैं. बता दें कि इस मामले में मोहित अग्रवाल के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ था. परिजनों ने चार लड़कों और प्रधानाचार्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी.