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प्रयागराज: माघ मेले के लिए प्रशासन ने कसी कमर, मुकम्मल तैयारी का किया दावा

प्रयागराज: माघ मेले के लिए प्रशासन ने कसी कमर, मुकम्मल तैयारी का किया दावा
UP City News | Jan 13, 2021 02:46 PM IST

प्रयागराज. संगम की रेती पर 14 जनवरी मकर संक्रान्ति के पहले स्नान पर्व के साथ ही माघ मेले की शुरुआत हो जायेगी. मेला प्रशासन की ओर से कोरोना काल में आयोजित हो रहे माघ मेले की सभी तैयारियां पूरी करने का भी दावा किया जा रहा है. हांलाकि कोविड के संक्रमण काल में आयोजित हो रहे माघ मेले को सकुशल और सुरक्षित सम्पन्न कराना मेला प्रशासन के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है लेकिन कोविड के संक्रमण को देखते हुए इस बार माघ मेले में कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विशेष इंतजाम मेला प्रशासन की ओर से किए गए हैं.

मेले में आने वाले पुलिस कर्मी, साधु संत कोविड की तीन दिन पुरानी आरटीपीसीआर रिपोर्ट के साथ ही मेला क्षेत्र में प्रवेश कर सकेंगे. इस बार जहां मेले के क्षेत्रफल का विस्तार करते हुए पांच सेक्टरों में मेला बसाया गया है. वहीं हर साल की ही तर्ज पर पांच पान्टून ब्रिज, 70 किलोमीटर चकर्ड प्लेटें बिछायी गई हैं. इसके साथ ही मेले में बिजली, पानी और स्वच्छता को लेकर खास इंतजाम किया गया है. कोविड को देखते हुए मेले में 16 इन्ट्री प्वाइंट्स बनाये गए और सभी प्वाइंट्स पर सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है.

माघ मेले को लेकर में ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया है, इसके साथ ही श्रद्धालुओं के प्रबंधन को लेकर भी मेले की सुरक्षा में लगाये गए पुलिस कर्मियों को खास ट्रेनिंग दी गई है. इस बार मेले की सुरक्षा के लिए पांच हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है. जिन्हें मेले में आने वाले श्रद्धालुओं, कल्पवासियों और साधु संतों के साथ अच्छा व्यवहार करने की भी ट्रेनिंग संस्कार शाला में दी गई है. जिसके चलते मेला ड्यूटी में लगे पुलिस कर्मी लोगों का स्वागत करते और उनके मददगार की भूमिका में नजर आयेंगे. इस बार मेले में पांच हजार पुलिस फोर्स लगायी गई है.

जिसमें साढ़े तीन हजार पुलिस कर्मी बाहरी जिलों से आयें हैं. मेले की सुरक्षा के लिए 13 थाने, 38 चौकियां और 13 फायर स्टेशन पूरी तरह से क्रियाशील कर दिए गए हैं. जबकि सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों से पूरे मेला क्षेत्र की भी निगरानी की जा रही है. डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी के मुताबिक मेले में एटीएस, बीडीएस, एसटीएफ, आईबी, एलआईयू के साथ ही दूसरी खूफिया ऐजेन्सियों को भी सक्रिय कर दिया गया है. इसके साथ ही स्नान घाटों पर जल पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती भी सुनिश्चित की गई है.