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Rampur में 30 साल बाद बाद आई बाढ़, सैकड़ों गांवो में पानी घुसा, हाईवे पर आवागमन रुका

Rampur में 30 साल बाद बाद आई बाढ़, सैकड़ों गांवो में पानी घुसा, हाईवे पर आवागमन रुका
UP City News | Oct 20, 2021 12:56 PM IST

रामपुर. मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश एवं उतराखंड के डैम से छोड़े गए लाखों क्यूसेक बारिश के पानी से रामपुर जिले (Floods in Rampur) में हालात बद से बदतर हो गए हैं. कोसी, भाखड़ा, रामगंगा और अन्य नदियों के तटीय क्षेत्र में गांव और फसलों को भारी नुकसान हुआ है. सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. जिससे जनजीवन ठहर गया है. धनुपुरा, पसिया पुरा, खडिया, दड़ियाल, स्वार , शाहबाद क्षेत्र सहित सैकड़ों गांव कोसी नदी की चपेट में आ गए हैं. जिससे लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त गया है.

नेशनल हाईवे 24 पर कोसी नदी का पानी पुल तक पहुंच जाने के कारण हाईवे बाधित हो गया है. जिसके चलते हाईवे को पुलिस द्वारा रोक दिया गया है. यात्रियों को बड़ी परेशानी हो रही है. बताया जा रहा है कि पिछले 30 साल में प्राकृतिक आपदा कितना यानी बाढ़ दूसरी बार आयी है. रियासत कालीन रामपुर में नवाबों ने शहर को पानी से बचाने के लिए शहर किनारे ऊंचे बंधे का निर्माण करवाया था ताकि शहर को पानी में डूबने से बचाया जा सके लेकिन अत्यधिक वर्षा वृष्टि के कारण पानी ने जगह-जगह बंधे को भी तोड़ दिया है जिससे पानी शहर के कई मोहल्लों में भी घुस आया है.

रातों रात लाखों क्यूसेक पानी बैराज से छोड़ दिए जाने के चलते हैं पानी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. यातायात बाधित होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यात्री जाम और बाढ़ में फंसे हुए हैं। वहीं जिला प्रशासन लगातार बचाव एवं राहत कार्य और जरूरी प्रबंध करने में जुटा हुआ है। बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं. प्रधान, ग्राम सचिव व अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों को बाढ़ से फैल रही अव्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिले में बाढ़ की स्थिति के चलते लोगों में कौतूहल का विषय भी बना हुआ है.

लोग अपने घरों से निकलकर बाढ़ की स्थिति को देखने के लिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि अब से 30 साल पहले करीब 1990 में ऐसी बाढ़ की विकराल स्थिति देखी गई थी. जिसमें शहर किनारे तक पानी पहुंच गया था हालांकि स्थिति अब और ज्यादा विकराल हो गई है. लोगों के घर पानी में डूब गए हैं वही जानवरों और फसलों को नुकसान हुआ है. बाढ़ के बाद संचारी रोग ना फैलें इसके लिए जिला प्रशासन युध्द स्तर पर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य में जुटा हुआ है.