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कसूर इतना थी कि बहू को पीटने का विरोध कर रही थी मां

कसूर इतना थी कि बहू को पीटने का विरोध कर रही थी मां
UP City News | Sep 14, 2021 02:31 PM IST

पीलीभीत. मां का कसूर बस इतना था कि उसने बहू को बेवजह पीटने से मना कर रही थी. यही बात हत्या आरोपी बेटे को नागवार गुजरी. आपा खोते हुए उसने लाठी से पीटकर मां की निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी. साक्ष्य मिटाने के लिए शव घर के पीछे खेत में जला दिया. सूचना पुलिस तक पहुंची तो मामला खुला. आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है.

समाज में बड़ी विसंगतियों से रिश्ते तार-तार हो रहे हैं. जिस सूनी कोख ने गोद लिए बेटे को बुढ़ापे का सहारा समझा था. वह इतना निर्दयी हो गया की उसके हाथ तक न कांपे. दिल दहलाने वाली वारदात को सोच कर ही हर किसी का मन काफी व्यथित है. डूडा कॉलोनी नंबर 9 निवासी केशव यादव ने पत्नी अकाली के संतान न होने पर अपने छोटे भाई शंकर यादव के छोटे बेटे पिंटू उर्फ नगमा को गोद ले लिया था. बचपन से ही मां अकाली ने बेटे को लाड़ प्यार से रखा. उसके जवान होने पर धूमधाम से शादी कर दिल खोलकर खर्च भी किया. गलत संगत में पड़कर पिंटू यादव उर्फ नगमा उर्फ सूर्य काल आए दिन घर पर परिजनों के साथ मारपीट करता था. रविवार की शाम में भी पत्नी से नशे में मारपीट और गाली गलौज कर रहा था. पिता केशव बचाने पहुंचे तो उनको भी पीट दिया. परेशान होकर वे चले गए. इसके बाद आरोपी की मां अकाली देवी पर बेटा टूट पड़ा. उत्तराखंड से गांव पहुंची आरोपी की बहन राजमणि और बहनोई ने घटना का विरोध किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई. नाराज बहन ने घुंघचाई चौकी पहुंचकर मां की हत्या की जानकारी दी. कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी को हिरासत में लिया जा सका. सीओ वीरेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपी पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

लाड़ प्यार में हुई पिंटू की परवरिश

मां ममता की मूर्ति होती है. 30 साल पहले वृद्धा ने अपनी देवरानी से पिंटू को गोद लिया था. सगी मां से अधिक उसने प्यार दिया. पिंटू को बचपन से पढ़ाने लिखाने के अलावा हैसियत के हिसाब से उसकी सब जरूरते पूरी की. बूढ़ी मां ने हर बार अपने बेटे का पक्ष लेकर उसके कृत्यों पर पर्दा भी डाला.

मां की हत्या कर मुस्करा रहा था पिंटू

पुलिस हिरासत में पिंटू को मां की हत्या करने का तनिक भी अफसोस नहीं था. पुलिस चौकी में बैठा आरोपी हंस रहा था. आरोपी जान पहचान वालों से मदद मांग रहा था. उसकी इस करतूत का सभी उसे भला बुरा कह रहे थे.

गोद लेने का बाद पुत्र के नाम कर दी जमीन

केशव यादव ने अपने हिस्से की सारी जमीन आरोपी के नाम जीते जी कर दी थी. उसकी आय के जरिए बढ़ गए और वह गलत सौबत में पड़ गया. आरोपी अपनी सगी मां गीता देवी और पिता शंकर यादव को भी प्रताड़ित करता था. उसकी आदतों परेशान होकर शंकर यादव पूरनपुर चीनी मिल में रहने लगे.

जलती चिता को बुझाकर कब्जे में लिए अवशेष

सीओ वीरेंद्र विक्रम और कोतवाल हरीश वर्धन सिंह ने मौके पर पहुंचकर जलती चिता को बुझवाया. इसके बाद महिला के अवशेषों को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए लैब भेजा।आरोपी ने जिस डंडे से अपनी मां को पीटा वह भी टूट गया. इससे उसकी निर्दयता का अंदाजा लगाया जा रहा है.