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मेरठ: किसान आंदोलन ने कराई भाजपा की बुरी गत, सपा—रालोद—बसपा को फायदा

मेरठ: किसान आंदोलन ने कराई भाजपा की बुरी गत, सपा—रालोद—बसपा को फायदा
UP City News | May 04, 2021 02:43 PM IST

मेरठ. पंचायत चुनाव पर इस बार किसान आंदोलन का काफी असर हुआ है. यही कारण है कि इस बार लोगों में भाजपा के प्रति मोहभंग हुआ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा—बसपा—रालोद ने भाजपा की घेराबंदी की और कई सीटों पर जीत हासिल की है. भाजपा की स्थिति यह रही है कि मवाना हस्तिनापुर और दौराला में भाजपा का खाता भी नहीं खुल सका.

पंचायत चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस बार किसान आंदोलन का असर पड़ना तय था. इसका प्रमुख कारण मेरठ के किसानों का आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाना रहा. पंचायत चुनाव में मेरठ की जिला पंचायत की 33 सीटों पर भाजपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा की थी. वहीं रालोद— सपा और बसपा ने 23 सीटों पर ही अपने उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी. हालांकि मतगणना से पहले भाजपा के कद्दावर अपनी स्थिति को बेहतर बता रहे थे.

सोमवार दोपहर तक जारी परिणाम में तीन—तीन सीटों पर सपा और रालोद ने जीत हासिल की थी. वहीं नौ सीटों पर रालोद और सपा के प्रत्याशी छह सीटों पर आगे चल रहे थे. वहीं बसपा के उम्मीदवार चार सीटों पर बढ़त बनाए थे. इस बार मेरठ में आप ने भी अपना खाता खोल लिया और एक सीट पर जीत हासिल की.

भाकियू मुख्यालय सिसौली में भाजपा हारी
पंचायत चुनाव में भाकियू मुख्यालय सिसौली में भी भाजपा प्रत्याशी अजय बालियान को हार का सामना करना पड़. उन्हें रालोद समर्थित प्रत्याशी अंकित बालियान ने 11180 वोट से हराया. इससे पहले अजय बालियान भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से जिला पंचायत अध्यक्ष बने थे.

सहारनपुर में भाजपा आगे
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सहारनपुर से ही भाजपा के लिए अच्छी खबर है. यहां 49 सीटों पर भाजपा अपना परचम लहरा चुकी है. वहीं 10 सीटों पर भी भाजपा समर्थित प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए हैं. इस बार सहारनपुर में रालोद, कांग्रेस और बसपा को नुकसान हुआ है.

आजाद समाज पार्टी ने भी दिखाया दम
दलित आंदोलन के कारण देशभर में छाए भीम आर्मी के चंद्रशेखर की पार्टी आजाद समाज पार्टी ने भी इस बार अपना दम दिखाया है. आजाद समाज पार्टी के समर्थित तीन प्रत्याशियों ने मुजफ्फरनगर में जीत हासिल की है.