सिटी न्यूज़

पश्चिमी यूपी में भाजपा की जीत में रोड़ा बना किसान आंदोलन, फायदे में रहा रालोद

पश्चिमी यूपी में भाजपा की जीत में रोड़ा बना किसान आंदोलन, फायदे में रहा रालोद
UP City News | May 04, 2021 08:09 AM IST

मेरठ. उत्तर प्रदेश में भाजपा को काफी नुकसान हुआ है. यहां पर पीछे रहने के पीछे किसान आंदोलन को माना जा रहा है. यहां पर किसान आंदोलन का साफ तौर पर असर देखने को मिला है. इन क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है. जबकि इसका सबसे ज्यादा फायदा रालोद को हुआ है. वहीं सपा-बसपा को भी वोटरों ने खूब नवाजा है. मेरठ के मवाना, हस्तिनापुर, दौराला में तो भाजपा का खाता भी नहीं खुला.

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में किसान का असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है. किसानों ने भाजपा को नुकसान पहुंचाया है. मेरठ जिले की 33 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं तो रालोद-सपा और बसपा ने 23-23 प्रत्याशियों को मैदान में उतारा. सोमवार की रात तक घोषित हुए छह नतजों में सपा-रालोद ने तीन-तीन सीटें जीत ली हैं जबकि भाजपा अभी तक छह सीटों पर बढ़त बनाए हुए है जबकि नौ सीटों पर रालोद, छह पर सपा और चार पर बसपा समर्थित प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, बागपत, हापुड़ और बिजनौर में भी भाजपा काफी पीछे है. यहां पर सपा-रालोद बेहतर प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं. हांलाकि सहानपुर में इस बार भाजपा को फायदा होता दिख रहा है. जबकि बसपा और कांग्रेस को नुकसान हो रहा है.

49 सीटों में से भाजपा छह सीटें जीत चुकी है तो दस पर आगे चल रही है. पिछली बार छह सीटें ही थीं. शामली में रालोद ने भाजपा को करारी शिकस्त दी है. भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष और प्रदेश राज्यमंत्री के गृह जनपद के होने के बावजूद 19 सीटों में 8 सीटों पर रालोद जीत दर्ज करा चुकी है जबकि भाजपा मात्र 6 सीटों पर सिमटकर रह गई है. इसके अलावा सात निर्दलीय भी जीत की ओर हैं. इससे ये अटकल लगाने में कोई गुरेज नहीं है कि भाजपा को यहां पर बहुमत मिलना बेहद मुश्किल है. बुलंदशहर में भाजपा 10 सीटें लेकर आगे जरूर है लेकिन बागियों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए करीब लगभग सात सीटें जी ली हैं. जबकि बसपा 6, सपा और रालोद 4—4 सीटों पर आगे चल रहे हैं.

मुजफ्फरनगर में भीम आर्मी के चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी ने तीन सीटें जीतकर बाकी दलों के लिए मुश्किल खड़ी कर दी है. भाजपा के 13 प्रत्याशी जीत की ओर हैं तो रालोद का प्रदर्शन बहुत खराब रहा. वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष की पत्नी भी चुनाव हार गईं.जबकि यहां से बसपा चार सीट पर आगे हैं.

हापुड़ में किसान आंदोलन का असर दिखाई दे रहा है। यहां बसपा फाइट में दिख रही है. 19 वार्ड में बसपा 3, भाजपा केवल 2 सपा 2 वार्ड में आगे चल रही है. बागपत में रालोद.भाजपा में कड़ी टक्कर है. 20 वार्ड में अभी तक एक रालोद, एक भाजपा, एक बसपा तो कई पर निर्दलीय प्रत्याशी आगे चल रहे हैं. घोषणा अभी किसी भी सीट पर नहीं हुई है.