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मुजफ्फरनगर में महापंचायत में उमड़ा किसानों का हुजूम, राकेश टिकैत भी पहुंचे, 27 को भारत बंद का आह्वान

मुजफ्फरनगर में महापंचायत में उमड़ा किसानों का हुजूम, राकेश टिकैत भी पहुंचे, 27 को भारत बंद का आह्वान
UP City News | Sep 05, 2021 03:09 PM IST

मुजफ्फरनगर . उत्तरप्रदेश के मुजफ्फनगर के जीआईसी मैदान में किसानों की अपार भीड़ जमी हुई हैं. कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर किसान वहां पहुंचे. महापंचायत में पश्चिम उत्तर प्रदेश समेत देश के दूसरे राज्यों के किसान पहुंचे हैं. इतनी भीड़ उमड़ पड़ी कि मैदान छोटा पड़ गया. सड़कों पर उमड़ी भीड़ से जाम की स्थिति है. वहीं महापंचायत में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं भी आईं हैं. मंच पर नरेश टिकैट और राकेश टिकैत मंच मौजूद हैं.

वहीं जीआईसी मैदान के किसान पंचायत स्थल से बड़ा एलान किया जिसमें कहा गया कि 27 सितंबर को भारत बन्द कराया जाएगा. मुजफ्फरनगर में आज तक चैनल के लिए रिपोर्टिंग कर रही वरिष्ठ पत्रकार चित्रा त्रिपाठी के साथ बदसलूकी की गई. उनका कैमरा तोड़ दिया गया फिर पुलिस ने उनकी जान बचाई. उनको एक मीडिया हाउस में छिपकर बैठना पड़ा. बाहर नारेबाजी होती रही.

वहीं मुजफ्फरनगर में किसान महापंचायत को लेकर यूपी एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा, 'हमने सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया है. पीएससी की 25 कंपनियां और मेरठ जोन के तहत 20 अधिकारियों को तैनात किया गया है. बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने किसानों का दर्द समझने की अपील की है. उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'मुजफ्फरनगर में आज प्रदर्शन के लिए लाखों किसान जुटे हैं. वो हमारा ही खून हैं. मुजफ्फरनगर की सड़कों पर किसानों का हुजूम, जगह -जगह जाम लगा है.

सड़कों पर सिर्फ किसान ही दिखाई दे रहे हैं. किसान नेता ने मंच से सरकार को दी चेतावनी. जमकर नारेबाजी भी की जा रही है. मंच पर योगेंद्र यादव सहित कई अन्य किसान नेता मौजूद हैं. महापंचायत शुरू होने से पहले आयोजकों ने राकेश टिकैत का हरे, नारंगी और सफेद गमछे हवा में लहराकर स्वागत किया और महापंचायत को शुरू कराने की हामी भरी. पंचायत स्थल पर भारी संख्या में युवा किसान नजर आए. किसानों का उत्साह किसी उत्सव से कम नहीं लग रहा है.

वालिंटियर देख रहे पंचायत की हर व्यवस्था

महापंचायत की पार्किंग से लेकर जीआईसी मैदान के मंच तक की व्यवस्था भाकियू और संयुक्त किसान मोर्चा के वालिंटियर ही संभाल रहे हैं. पुलिस फोर्स किसानों की जिले और शहर में सुरक्षित एंट्री और उनका सकुशल प्रस्थान तक ही व्यवस्था देख रही है, जबकि भोजन शिविर, भंडारे, पार्किंग, पानी, शौचालय, मीडिया, एंट्री और एग्जिट सभी व्यवस्थाएं वालिंटियर्स के हवाले हैं. सभी वालिंटियर्स को आईकार्ड दिए गए हैं, ताकि उनकी पहचान आसान हो सके.