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योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय टीम-09 को दिए दिशा-निर्देश

योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय टीम-09 को दिए दिशा-निर्देश
UP City News | Jun 22, 2022 05:12 PM IST

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने अपनी उच्चस्तरीय टीम-09 को कुछ ख़ास दिशा-निर्देश दिए हैं. पिछले कुछ समय से कोविड के नए मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. बढ़ते हुए मामलों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय टीम-09 को खास दिशा-निर्देश दिए हैं. हालांकि उत्तर प्रदेश में पॉजिटिविटी दर न्यूनतम है. फिर भी सतर्कता बरतते हुए नए मामलों की रोकथाम के लिए कुछ नियमों निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है. उत्तर प्रदेश  में वर्तमान में कुल एक्टिव केस की संख्या 3257 है. पिछले 24 घंटों में 91 हजार से अधिक टेस्ट किए जा चुके हैं जिनमें 682 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है. इसी अवधि में 352 लोग उपचार के बाद कोरोना मुक्त भी हुए हैं.  लगभग 3082 लोग घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं. इन आंकड़ों को देखते हुए सीएम योगी  ने सतर्क और सावधान रहने को ज़रूरी बताया है.

उन्होंने कहा कि, कोविड की बदलती परिस्थितियों पर सूक्ष्मता से नजर रखी जाए. सभी अस्पतालों में चिकित्सकीय उपकरणों की क्रियाशीलता, डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ की समुचित उपलब्धता की गहनता से परख कर ली जाए. ज़रूरी  दवाओं के साथ मेडिसिन किट तैयार करा लिए जाएं. पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से आमजन को सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाए जाने के लिए जागरूक किया  जाए.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोविड टीकाकरण अभियान की प्रगति संतोषप्रद है. अभी तक 33 करोड़ 73 लाख से अधिक कोविड टीकाकरण के साथ ही 18 वर्ष की आयु की पूरी आबादी को टीके की कम से कम एक डोज दी जा चुकी है. जबकि करीब 96% से अधिक वयस्क लोगों को दोनों डोज मिल चुकी है. 15-17 की आयु  के 99.27% किशोरों और 12-14 वर्ष के 94.55 % से अधिक बच्चों को टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है. सीएम योगी ने कहा कि 18 साल से अधिक आयु वाले लोगों को बूस्टर डोज दिए जाने में तेजी की अपेक्षा है. बच्चों को दूसरी डोज समय से दी जाए.

गौरतलाब है  कि  1 जुलाई से संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए  प्रदेशव्यापी अभियान शुरू किया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, फॉगिंग सैनिटाइजेशन के संबंध में जागरूकता बढ़ाये जाने की जरूरत है. अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जरूरी तैयारियां कर ली जाएं. जनप्रतिनिधि गणों का भी सहयोग लिया जाना चाहिए.

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नगरीय निकायों को वित्तीय आत्मनिर्भरता के लिए कड़े प्रयास करने की जरूरत है. अपनी  आय वृद्धि की नियमित समीक्षा करते हुए प्रत्येक जनपद/नगरीय निकाय अपनी जीडीपी को बढ़ाने की कार्य योजना तैयार करे. उन्होंने कहा कि प्रदेश के बदले औद्योगिक माहौल को देखते हुए बड़ी संख्या में देश-दुनिया के उद्यमी उत्तर प्रदेश में निवेश कर रहे हैं. उद्योग जगत की जरूरतों के मुताबिक नई औद्योगिक नीति, नई इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल नीति और बेहतर वेयरहाउसिंग एंड लॉलॉजिस्टिक नीति का निर्माण किया जाय.

उन्होंने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के उपरांत प्रदेश को जल्द ही बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का उपहार मिलने जा रहा है. यह एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड में 'विकास की लाइफलाइन' के रूप में प्रतिष्ठित होगी. इस एक्सप्रेस-वे के लंबित कार्यों को अगले 10 दिनों में पूर्ण करा लिया जाए साथ ही गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा.

बरसात के कारण जो व्यवस्था बिगड़ती है उसे ध्यान में रखते हुए योगी ने कहा कि बरसात के दृष्टिगत नालों की सफाई करा ली जाए. सिल्ट जमा होने से रोका जाए ताकि बारिश में जलभराव न हो. अमृत योजना के तहत अब तक हुए कार्यों की गहनता से समीक्षा की जाए. शहरों को स्वच्छ करने के साथ-साथ सुंदर बनाने का भी काम किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि हमें ऊर्जा संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा. यह सुनिश्चित कराएं कि स्ट्रीट लाइट समय से ऑन हों और समय से बंद हो.

शिक्षा व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र में विश्वविद्यालय स्थापित करने के इच्छुक संस्थाओं के आवेदन अनावश्यक रूप से लटकाये न जाएं. आवेदनों पर समय  से निर्णय लिया जाए. स्थापना संबंधी नियमों को भी सरल किया गया है जिसका लाभ लोगों को मिलना चाहिए. अब तक लंबित ऐसे सभी आवेदनों की मुख्य सचिव द्वारा समीक्षा कर मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए.

फार्मेसी काउंसिल द्वारा दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बनाया जाने की बात भी कही गई है. अभ्यर्थियों को सुविधा हो इसके लिए जरूरी व्यवस्था की  जाने की बात भी की गयी है.