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विधायक ने ऐसा मारा धक्का कि गिर गई कॉलेज की दीवार, फिर कंपनी ने कर दी एमएलए के खिलाफ शिकायत

विधायक ने ऐसा मारा धक्का कि गिर गई कॉलेज की दीवार, फिर कंपनी ने कर दी एमएलए के खिलाफ शिकायत
UP City News | Jun 26, 2022 09:53 AM IST

प्रतापगढ़. कमीशनखोरी के चक्कर में सरकारी निर्माण कार्य में कितनी घटिया का उपयोग किया जाता है ये किसी से छुपा नहीं. निर्माण करने के छह आठ महीने में चाहे सड़क हो या फिर कोई इमारत टूटने लगती है. ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रानीगंज विधानसभा के शिवसत गांव में देखने को मिला. यहां पर 48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण में ऐसी सामग्री का इस्तेमाल किया कि गुरुवार को विधायक ने एक धक्का देकर ही दीवार को गिरा दिया. जब मामला जिला प्रशासन के पास पहुंचा तो निर्माण कार्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है. शुक्रवार को टीम ने ईंटों और मसाला का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया. जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल ने निर्माण कार्यों की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी है.

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ की रानीगंज विधानसभा के शिवसत गांव में 48 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण किया जा रहा है. तीन दिन पहले रानीगंज विधानसभा के विधायक आरके वर्मा ने निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज का समर्थको संग निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान विधायक ने जैसे ही दीवार को धक्का दिया, वो भरभराकर नीचे गिर गई जबकि कुछ सप्ताह पहले ही दीवार को बनाया गया था. इस पर विधायक ने निर्माण कर रही कंपनी पर घटिया सामग्री का प्रयोग करने का आरोप लगाया था. रानीगंज विधायक कॉलेज का निर्माण कार्य देखने पहुंचे थे. निरीक्षण के दौरान उनके धक्का देने से पिलर व दीवार गिर गई. नींव भी ठोकर लगने से उखड़ गई थी. उन्होंने मामले की शिकायत आला अधिकारियों से की.

कंपनी मैनेजर ने विधायक के खिलाफ की शिकायत
अमरोन्ट्रांस इन्फ्राटेक फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर इरशाद अहमद की शिकायत पर रानीगंज से सपा विधायक आरके वर्मा समेत 6 नामजद और 45 अज्ञात समर्थको पर कधई थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. उन पर धमकी,गाली-गलौज,बलवा ,सार्वजनिक संपत्ति नुकसान समेत कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. विधायक के समर्थको पर दीवार को हिलाकर फिर विधायक द्वारा दीवार ढहाने और उसका वीडियो वायरल करने का फर्म ने आरोप लगाया है.

मार्च 2023 तक करना होगा तैयार
48 करोड़ रुपये की लागत से कॉलेज का निर्माण कराया जाना है. दो साल तक कोरोना संक्रमण के चलते निर्माण कार्य प्रभावित रहा. कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी आई. इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण कार्य के लिए अब तक 22 करोड़ रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था को अवमुक्त की जा चुकी है. मार्च 2023 तक इसे तैयार किया जाना है.

रोक दिया गया निर्माण कार्य
शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता के नेतृत्व में टीम ने इंजीनियरिंग कॉलेज के निर्माण की हकीकत खंगाली और निर्माण में प्रयुक्त ईंट व मसाले की जांच कराने के लिए सैंपल लिया. मसाले को जांच लखनऊ में होगी जबकि ईंट की जांच लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर करेंगे. क्षेत्रीय विधायक के धक्के से दीवार और पिलर गिरने के बाद अफसरों का शिवसत गांव में आना-जाना शुरू हो गया. जांच प्रक्रिया शुरू होने के बाद शुक्रवार को कॉलेज का निर्माण कार्य रोक दिया गया.