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स्वामी प्रसाद मौर्य ने पहनी 'लाल टोपी', बोले— मैं जिसका भी साथ छोड़ता हूं, नेस्तनाबूद हो जाता है

स्वामी प्रसाद मौर्य ने पहनी 'लाल टोपी', बोले— मैं जिसका भी साथ छोड़ता हूं, नेस्तनाबूद हो जाता है
UP City News | Jan 14, 2022 02:51 PM IST

लखनऊ. विधानसभा चुनाव से पहले अपने पद से इस्तीफा देने वाले स्वामी प्रसाद मौर्या ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में लाल टोपी पहन ली. इस दौरान स्वामी प्रसाद मौर्या ने भाजपा पर दलितों औ​र पिछड़ों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मैं जिसका भी साथ छोड़ता हूं, नेस्तानाबूद हो जाता है. इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को खत्म करने का संकल्प लेते हुए अपने समर्थकों से 2022 में सपा की सरकार बनाने का आह्वान किया.

सपा की सदस्यता लेते हुए ओबीसी वर्ग के बड़े नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने कहा कि जब मैंने बहन मायावती का साथ छोड़ा तो वह पार्टी जो पहले नंबर पर थी और वह आज कहां हैं? आप सबको पता है इसी तरह जब मैंने बीजेपी का साथ पकड़ा तो वह पार्टी तीसरे नंबर पर थी और आप सबको पता है 2017 के बाद वह पहले नंबर पर आ गई. अब वह सोच लें मेरा साथ छोड़ने के बाद उनका क्या होगा? इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रदेश की जनता को छला है. भाजपा ने अपने वायदों को पूरा नहीं किया और केवल महंगाई बढ़ाने के साथ ही युवाओं व आम लोगों के साथ अन्याय किया है. उन्होंने सपा संरक्षक की प्रशंसा करते हुए कहा कि राजनीति की शुरुआत में मुलायम सिंह यादव का चरखा दांव काफी प्रसिद्ध था. उन्होंने दावा किया कि इस बार के चुनाव में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भाजपा को चरखा दांव लगाकर चित्त कर देंगे.

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सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर प्रदेश को बर्बाद करने की बात कही. भाजपा ने किसानों को आय दोगुनी करने का वायदा कर सत्ता हासिल की थी लेकिन सरकार ने किसानों को बर्बाद कर दिया. डीजल—पेट्रोल महंगा होने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और तो और किसानों को जरूरत के समय खाद तक उपलब्ध नहीं कराई गई. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गोरखपुर यात्रा पर तंज कसते हुए ​कहा कि स्वामी प्रसाद मौर्या के आने वाली भीड़ के डर से चले गए. उन्होंने स्वामी प्रसाद के सपा में आने पर उन पर वारंट जारी कराने का भी आरोप लगाया.

पीयूष जैन के घर पर छापे पर सपा सुप्रीमो ने कहा कि भाजपा भूल गई थी किसके यहां छापा मारना है और गलती से अपने ही घर में कार्रवाई कर ली गई. बाद में उसे ठीक किया गया और सपा कार्यकर्ताओं की संपत्ति की जांच की गई. उन्होंने कहा कि अब समाजवादी और आंबेडकरवादी साथ आ गए हैं. ऐसे में अब भाजपा को सत्ता से हटाने से कोई नहीं रोक सकता है. उन्होंने कहा कि दिल्ली वाले भाजपा के मास्टरों ने आकर मुख्यमंत्री समेत अन्य भाजपाइयों को पढ़ाई कराई लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फेल हो गए. वह समाजवादी पार्टी की रणनीति समझ नहीं आ सके.

इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या, धर्म सिंह सैनी, शाहजहांपुर के पूर्व विधायक नीरज मौर्य समेत तकरीबन 300 लोगों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई. बताया जा रहा है कि आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर रावण ने भी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से विगत दिनों मुलाकात की और वह भी जल्द ही सपा से गठबंधन कर सकते हैं. वहीं रैली के दौरान ही भाजपा के सहयोगी अपना दल के विधायक चौधरी अमर सिंह ने भी भाजपा से किनारा कर लिया है. उन्होंने भी सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की है.