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पढ़ें, 7 मई की अलविदा नमाज़ को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु फिरंगी महली ने क्या कहा

पढ़ें, 7 मई की अलविदा नमाज़ को लेकर मुस्लिम धर्मगुरु फिरंगी महली ने क्या कहा
UP City News | May 04, 2021 11:04 AM IST

लखनऊ : कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण प्रदेश में हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. अस्पतालों में बेड और आक्सीजन की कमी के कारण लगातार मरीजों की जान जा रही है. योगी सरकार ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए प्रदेश में पांच दिन का कोरोना कर्फ्यू लगा रखा है. वहीं धार्मिक धर्मगुरु भी लोगों से घरों में ही रहने की अपील कर रहे हैं. इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया फरंगी महल के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने अलविदा जुमा को लेकर लोगों से अपील करने के साथ ही एडवाइजरी जारी की है.

इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया फरंगी महल के चेयरमैन मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने दारूल उलूम फरंगी महल के दारूल इफ्ता के दिए फतवे पर कहा कि अलविदा रमजानुल मुबारक का आखिरी जुमा होता हैं. इस बार यह दिन सात मई को है. कहा कि हालात को देखते हुए अलविदा जुमा की नमाज को घर पर ही अदा कर लें. उन्होंने अपील की कि मुसलमान भाई इबादत इस तरह करें जैसे रमजान में तरावीह और जुमे की नमाजें शरअई अहकाम की रौशनी में अदा कीं.

उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मस्जिदों में पांच लोग ही नमाज अदा करें. घर में ही रहकर अलविदा की नमाज पढ़ें. एक साथ काम करने वाले लोग कार्यस्थल पर ही सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जौहर की नमाज अदा करें. उन्होंने कहा कि जुमे की नमाज़ से पहले खुतबा पढ़ना वाजिब है और यदि किसी को खुतबा याद न हो और खुतबे की कोई किताब भी न हो तो वह पहले खुतबे में सूरह फातिहा और सूरह अखलास पढ़ें. इसके बाद दूसरे खुतबे में दुरूद शरीफ के साथ कोई दुआ अरबी में पढ़ें.

उन्होंने कहा कि अलविदा के दिन भी कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन करें. नमाज़ में भी मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें. इस दौरान किसी के भी घर न जाएं और गले मिलने और हाथ मिलाने से परहेज करें. खास लोगों से फोन पर संपर्क कर सकते हैं. इसके साथ ही उन्होंने अपील की कि सभी मुसलमान भाई अलविदा की नमाज के बाद कोविड-19 के जल्द खात्मे, पूरी दुनिया में अमन कायम करने, देश और कौम की तरक्की और खुशहाली की अल्लाह से दुआ करें.