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प्रधानमंत्री मोदी 25 को नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे शिलान्यास

प्रधानमंत्री मोदी 25 को नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का करेंगे शिलान्यास
UP City News | Nov 24, 2021 10:05 PM IST

लखनऊ. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 नवम्बर, 2021 को जनपद गौतमबुद्धनगर में नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे. इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित होंगे. यह जानकारी आज यहां देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के विकास के लिए 1,334 हेक्टयर (लगभग 3,300 एकड़) भूमि का अधिग्रहण किया गया है. इसके निर्माण के लिए ग्लोबल बिडिंग के माध्यम से एवीएशन सेक्टर की कम्पनी ज्यूरिख एयरपोर्ट इण्टरनेशनल एजी का चयन किया गया है.

प्रवक्ता ने बताया कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का विकास दो स्टेज में किया जाएगा. प्रथम स्टेज में यह एयरपोर्ट दो रन-वे का होगा, जो दूसरे स्टेज में बढ़ कर पाँच रन-वे का हो जाएगा. दो रन-वे का यह एयरपोर्ट 70 मिलियन यानी 07 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता का होगा तथा इस पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपए व्यय होंगे.

प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों की क्षमता की दृष्टि से नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का विकास चार चरणों में होगा. प्रथम चरण में वर्ष 2023-24 में 12 मिलियन यानी 01 करोड़ 20 लाख यात्रियों की वार्षिक क्षमता का यह एयरपोर्ट प्रारम्भ में एक रन-वे का होगा, जो वर्ष 2031 में बढ़कर 30 मिलियन यानी 03 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता का और दो रन-वे का हो जाएगा. वर्ष 2036 में यह 50 मिलियन और वर्ष 2040 में यह 70 मिलियन यानी 07 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता का हो जाएगा. नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट का प्रथम चरण वर्ष 2023-24 में जनता को समर्पित होगा और यहां से पहली उड़ान प्रारम्भ होगी.

प्रवक्ता ने बताया कि नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के निकट यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं. इनमें फिल्म सिटी, मेडिकल डिवाइस पार्क, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, एपैरल पार्क आदि सम्मिलित हैं. उत्तर प्रदेश डिफेंस इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का अलीगढ़ नोड भी इस क्षेत्र के निकट है. दादरी में मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब तथा बोडाकी में मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जा रहे हैं. आने वाले दिनों में यह सम्पूर्ण क्षेत्र औद्योगिक और सर्विस सेक्टर की गतिविधियों का सबसे बड़ा केन्द्र बनेगा.