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पंचायत चुनाव: चुनाव तो जीत गए, मगर जिंदगी की जंग में पटखनी खा गए ये महारथी

पंचायत चुनाव: चुनाव तो जीत गए, मगर जिंदगी की जंग में पटखनी खा गए ये महारथी
UP City News | May 04, 2021 08:49 AM IST

लखनऊ.कोरोना ने लोगों को ऐसे जख्म दिए हैं उन्हे लोग जिंदगीभर नहीं भूल पाएंगे. इस बार तो कोरोना कहर बनकर टूटा है. लोगों के हंसते—खेलते परिवार उजड़ गए. अचानक हो रही कोरोना से मौत के कारण शादी वाले घरों में मातम छा गया है तो पंचायत की जीत की खुशी रंज में बदल गई. प्रदेश में अभी डेढ़ दर्जन से अधिक ऐसे मामले देखने को मिले हैं जो जीत की खुशी नहीं देख पाए और उनकी वोट खुलने से ही मौत हो गई. इनमें से ज्यादातर की जिंदगी को कोरोना ने छीना है. यूपी सिटी आपको बताता है कि प्रदेश में कितने जीते हुए प्रत्याशी अपनी जीत नहीं देख सके.
इस बार कोरोना के साये में हुए पंचायत चुनावों में मतदान कर्मचारियों से लेकर प्रत्याशी तक संक्रमित हो गए. हालात तो ये है कि प्रदेश में 700 से ज्यादा शिक्षकों की जान चुकी है तो दर्जनों नेता इस कोरोना ने लील लिए. पंचायत चुनाव के परिणामों पर भी कोरोना संक्रमण का असर देखने को मिला. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार यूपी में 20 प्रत्याशी ऐसे रहे जो पंचायत चुनाव तो जीत गए कोरोना के कारण जिंदगी की जंग हार गए. वे अपनी जीत भी नहीं देख सके और न ही उनके परिवार खुशी मना सके. इनमें सर्वाधिक पांच प्रत्याशी गोरखपुर तो तीन प्रतापगढ़ के थे. वाराणसी, जौनपुर और अमरोहा के भी 2-2 प्रत्याशी चुनाव का परिणाम नहीं देख सके. जबकि सिद्धार्थनगर, देवरिया, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर और आगरा में भी एक—एक प्रत्याशी को उनकी मौत के बाद विजयी घोषित किया गया. हालांकि सभी सीटों पर फिर से मतदान कराया जाएगा. इन सबमें एक दर्जन से ज्यादा प्रत्याशियों की मौत कोरोना के कारण हुइ है तो चार की दिल दौरा पड़ने से. गोरखपुर में एक प्रत्याशी की हत्या कर दी गई थी.
गोरखपुर
गोरखपुर के पिपरौली ब्लॉक के मिश्रौलिया गांव के प्रधान प्रत्याशी राघवेन्द्र उर्फ गिलगिल दुबे को चुनाव से एक दिन पहले उनके प्रतिद्वंद्वी शंभू यादव ने गोली मार दी थी. उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया था. मतदान के बाद उनकी मौत हो गई. परिणाम राघवेन्द्र के पक्ष में आया.
खोराबार ब्लॉक के गहिरा गांव से बीडीसी के प्रत्याशी रंजीत चौबे उर्फ शिप्पू चुनाव जीत गए. चुनाव के बाद रंजीत की कोरोना से मौत हो गई थी. जंगल कौड़िया ब्लॉक की ग्राम पंचायत अहिरौली से प्रधान प्रत्याशी इन्द्रा यादव और बड़हलगंज ब्लॉक के जैतपुर से प्रधान प्रत्याशी पवन कुमार साहनी भी चुनाव जीत गए हैं लेकिन दोनों की कोरोना के कारण मौत हो गई. गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल हरपुर में प्रधान प्रत्याशी भुआल यादव की तबीयत मतदान के दिन ही बिगड़ गई थी. इलाज के दौरान दूसरे दिन सुबह उनकी मौत हो गई थी. परिणाम उनके पक्ष में आया.
प्रतापगढ़
प्रतापगढ़ कालाकांकर ग्राम पंचायत की निवर्तमान ग्राम प्रधान मंजू सिंह इस बार भी प्रत्याशी थीं. मतदान के दिन उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई. रविवार को मतगणना के बाद उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया.मंगरौरा विकासखंड के मदुरा रानीगंज के निवर्तमान प्रधान व प्रत्याशी रामसुख यादव की एक सप्ताह पहले हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. वे भी चुनाव जीत गए. कालाकांकर में ही केरावडीह की बीडीसी सदस्य प्रत्याशी रफीकुलनिशा को भी मौत के बाद विजयी घोषित किया गया है. रफीकुल की एक सप्ताह पहले मौत हो गई थी.
अमरोहा
अमरोहा के गंगेश्वरी विकास खंड के गांव खनौरा में प्रधान पद की प्रत्याशी सविता पत्नी राजकुमार ने 165 वोट से अपने प्रतिद्वंदी प्रत्याशी को हराया. शुक्रवार रात कोराना से उनकी मौत हो गई थी. मतगणना की निगरानी करने तक के लिए उनके परिवार का कोई भी सदस्य मतगणना स्थल पर नहीं पहुंचा. अमरोहा के ही विकास खंड हसनपुर की ग्राम पंचायत दमगढ़ी से मुकेश कुमार प्रधान पद के लिए निर्वाचित हुए. मुकेश की भी आठ दिन पूर्व बुखार के चलते मौत हो गई थी.
वाराणसी
वाराणसी के सिरिस्ती गांव की प्रधान प्रत्याशी निर्मला मौर्या और शिवदशां ग्राम पंचायत के प्रधान प्रत्याशी धर्मपाल यादव की सामान्य बीमारी से मौत चुनाव के बाद हो गई थी. चुनाव में दोनों की जीत हुई है. चंदौली के किशुनपुर के प्रधान प्रत्याशी रामविलास यादव, जौनपुर के बरपुर गांव से प्रधान पद के प्रत्याशी कमला देवी और सर्वेमऊ गांव से प्रधानपद के प्रत्याशी निशा देवी की मौत भी चुनाव के बाद हो गई थी. तीनों प्रधानपद पर विजयी रहे. गाजीपुर के ग्रामसभा चक अहमद से प्रधान प्रत्याशी सीता राय, मिर्जापुर के ग्राम प्रधान प्रत्याशी रामचंद्र मौर्य और आजमगढ़ के नौरसिया गावं के प्रधान प्रत्याशी रमेश राजभर चुनाव तो जीते लेकिन जिंदगी की जंग हार गए.
देवरिया
देवरिया के भागलपुर विकास खण्ड की ग्राम पंचायत कपूरी एकौना की प्रत्याशी विमला देवी मरने के बाद चुनाव जीत गईं. तबीयत खराब होने से रविवार की सुबह उनकी कोरोना से मौत हो गई थी. मतगणना से चार दिन पहले मौतसिद्धार्थनगर मिठवल ब्लॉक के बरगदवा ग्राम पंचायत से ग्राम प्रधान प्रत्याशी नदाव गांव निवासी राजेश चौधरी की गुरुवार को मौत हो गई. मतगणना हुई तो उन्हें विजयी घोषित किया गया.
आगरा
पंचायत चुनाव में गांव रसूलपुर से बाबूलाल की पिछले दिनों तबीयत खराब हो गई. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. 25 अप्रैल को इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई. रविवार को हुई मतगणना में उनकी जीत की घोषणा की गई।
बदायूं
बदायूं जिले के कादरचौक ब्लाक के गांव बाराचिर्रा में सरोज देवी की चुनाव के बाद मौत हो गई . वे 128 वोट से प्रधान पद पर जीत गई हैं. वहीं जिला पंचायत वार्ड 31 पुसगवां से डॉक्टर वीपी सिंह सोलंकी की पत्नी शांति देवी दो हजार वोटों से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीतीं. मगर, परिणाम आने से पहले ही उनकी मौत हो गई.