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Lucknow news: प्रॉपर्टी डीलर को अगवा कर पीटने के मामले में पूर्व सांसद के बेटे मो. उमर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी

Lucknow news: प्रॉपर्टी डीलर को अगवा कर पीटने के मामले में पूर्व सांसद के बेटे मो. उमर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी
UP City News | Nov 25, 2021 12:46 PM IST

लखनऊ. लखनऊ के एक प्रॉपर्टी डीलकर को अगवा करने के बाद देवरिया जेल में मारने और पीटने और उससे रंगदारी वसूलने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने आदेश दिया है. आदेश में कहा गया है कि पूर्व सांसद अतीक अहमद के पुत्र मो. उमर के जब तक गिरफ्तार नहीं हो जाते हैं तब तक के लिए गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है. अथवा अदालत में आत्मसमर्पण नहीं कर देता. सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट समृद्धि मिश्रा ने इस मामले के एक अन्य अभियुक्त योगेश कुमार के लिए भी यही आदेश जारी किया है. उन्होंने इसके साथ ही इन दोनों अभियुक्तों की फरारी के संदर्भ में सीबीआई को गवाह भी पेश करने का आदेश दिया है.

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थाना कृष्णानगर से संबधित मामले की विवेचना पहले स्थानीय पुलिस कर रही थी. विवेचना के दौरान पुलिस ने अतीक अहमद समेत आठ अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. लेकिन 23 अप्रैल, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश पारित कर इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी. 12 जून, 2019 को सीबीआई ने इस मामले में अतीक अहमद, फारुख, जकी अहमद, मो. उमर, जफर उल्लाह, गुलाम सरवर व 12 अन्य के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर जांच शुरु की.

इस मामले में 21 अक्टूबर को सीबीआई की विशेष अदालत ने इन दोनों फरार अभियुक्तों की सम्पति कुर्क करने का आदेश दिया था. 22 नवंबर को इस मामले के विवेचक व सीबीआई के सब इंस्पेक्टर नीरज वर्मा ने अदालत में एक अर्जी दाखिल की. बताया कि इस आदेश के अनुपालन में अभियुक्त मो. उमर का प्रयागराज स्थित एसबीआई व एचडीएफसी का एक-एक बैंक एकाउंट फ्रीज कर दिया गया है. जबकि उसकी अचल सम्पति का ध्वस्तीकरण सरकार पहले ही करा चुकी है. विवेचक ने अभियुक्त योगेश के बारे में बताया कि इसका जो पता दर्ज है, वह उसके रिश्तेदार का है. लिहाजा उसकी सम्पति का पता नहीं चल सका है.