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पंचायत चुनावः कोरोना की दहशत या बीमारी का बहाना, ड्यूठी कटवाने में लगे मतदान कर्मी

पंचायत चुनावः कोरोना की दहशत या बीमारी का बहाना, ड्यूठी कटवाने में लगे मतदान कर्मी
UP City News | Apr 23, 2021 07:39 AM IST

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव चल रहा है. दो चरण पूरे हो चुके हैं और 26 अप्रैल को तीसरे चरण के लिए बीस जिलों में मतदान कराया जाएगा. 25 अप्रैल को पोलिंग पार्टियां रवाना हो जाएंगी. उधर, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से मतदानकर्मी दहशत में हैं. मतदान के दौरान उड़ी रहीं कोरोना गाइडलाइन की धज्जियों के कारण खुद कहीं संक्रमित न हो जाएं इसलिए चुनाव ड्यूटी करने से कतरा रहे हैं. तभी तो ज्यादातर मतदान वालों जिलों में कर्मचारी ड्यूटी कटावाने के लिए प्रार्थना पत्र दे हैं. प्रार्थना देकर बहुत से कर्मचारियों ने खुद को बीमार बताया है तो अपने परिजनों को कोरोना संक्रमित होने की बात कही है. हालांकि अधिकारियों ने चुनाव ड्यूटी न काटने का निर्देश दिया है. कहा कि गंभीर परिस्थितियों में ही ड्यूटी काटी जाएगी. वहीं कर्मचारी संगठनों ने तो चुनाव स्थगित करने की माग की है.
उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव चल रहे हैं. दो चरण हो चुके हैं और तीसरे की तैयारी चल रही है. 25 को पोलिंग पार्टियां अपने-अपने मतदान केंद्र पर रवाना हो जाएंगी तो 26 अप्रैल 2021 की सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक मतदान कराया जाएगा. चुनाव वाले संबंधित जिलों का प्रशासन मतदान कराने की तैयारियों को कर रहा है लेकिन अधिकारियों के सामने क समस्या आ रही है कि कोरोना के कारण कर्मचारी ड्यूटी नहीं करना चाहते. हर दिन सैकड़ों प्रार्थन पत्र प्रशासन के सामने आ रहे हैं. इसमें कर्मचारी खुद को बीमार तो अपने किसी परिजन को कोरोना से ग्रसित बताकर चुनाव ड्यूटी से मुक्ति पाना चाहते हैं. हालांकि बहुत से कर्मचारियों को समस्या है. ऐसे में प्रशासन के सामे पोलिंग वार्टियों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है. इसलिए सख्त तेबर दिखाते हुए अधिकारियों ने ड्यूट काटने से इंकार कर दिया है. वहीं कर्मचारी संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि चुनाव स्थगित किए जाएं क्योंकि चुनाव ड्यूटी में कोविड प्रोटोकॉल का कोई पालन नहीं हो रहा है और कर्मचारियों की जान खतरे में है. कन्नौज में दो स्टाफ नर्सों की ड्यूटी चुनाव में भी लगाने का मामला सामने आया हैए इसे लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई है. वहीं कर्मचारियों ने इसका विरोध भी किया है. कर्मचारियों ने कहा कि कोविड-19 की ड्यूटी करने के बाद प्रशासन ने इनकी ड्यूटी चुनाव में लगा दी है. अगर इनमें जरा भी कोरोना के लक्षण हुए तो ये दूसरे कर्मचारियों को भी संक्रमण की चपेट में ले सकते हैं.
पॉजिटिव आने के बाद भी नहीं काटी ड्यूटी
लखनऊ में कृषि विभाग के एक कर्मचारी की कोरोना जांच कराई गई तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई. कर्मचारी की चुनाव में ड्यूटी लगाई गई थी. पॉजिटिव आने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने चुनाव ड्यूटी काटने से इनकार कर दिया. कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों ने जब धरने पर बैठने की चेतावनी दी तब कहीं जाकर इस कर्मचारी की ड्यूटी चुनाव से काटी गई.
सैकड़ों कर्मचारी आ रहे हैं कोरोना की चपेट में
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश के महामंत्री अतुल मिश्रा का कहना है कि प्रदेश में हर रोज सैकड़ों कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आ रहे हैं. बावजूद इसके सरकार चुनाव करा रही है. कई ऐसे लोगों की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है जो पॉजिटिव हैं. कर्मचारियों की जान खतरे में है. हम सरकार से मांग करते हैं कि इस चुनाव को स्थिति सामान्य होने तक स्थगित कर दिया जाए.
चुनाव स्थगित कर दिए जाएं
उत्तर प्रदेश के लोनिवि मिनिण्एसोसिएशन के प्रवक्ता सीपी श्रीवास्तव का कहना है कि चुनाव ड्यूटी में कोविड प्रोटोकॉल का कोई पालन नहीं हो रहा है. 19 अप्रैल के चुनाव में कई बीमार कर्मचारियों को उनके बच्चे चुनाव ड्यूटी पर ले कर आए थे. प्रार्थना पत्र देने के बाद भी उनकी ड्यूटी नहीं काटी गई थी. हम फिर से पत्र भेजकर मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि चुनाव स्थगित कर दिए जाएं.