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बसपा के ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर फंसा पेच, इस वजह से आयोजन पर लटकी तलवार

बसपा के ब्राह्मण सम्मेलन को लेकर फंसा पेच, इस वजह से आयोजन पर लटकी तलवार
UP City News | Jul 22, 2021 02:03 PM IST

लखनऊ. बहुजन समाजवादी पार्टी की ओर से बुलाए गए ब्राह्मण सम्मेलन पर तलवार लटकती नजर आ रही है. दरअसल साल 2013 में ही हाईकोर्ट राजनीतिक दलों के जाति आधारित सम्मेलनों पर अंतरिम रोक रोक लगा चुकी है. ऐसे में अयोध्या में आयोजित ब्राह्मण सम्मेलन हो पाएगा या नहीं इसको लेकर सवाल बरकरार है. हालांकि चर्चा ये भी है कि बसपा ने इसकी तैयारी कर ली है लेकिन ये देखने वाली बात होगी कि सम्मेलन आयोजित हो पाता है या नहीं.

गौरतलब है कि प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के चलते अब सियासी तापमान भी रफ्तार पकड़ रहा है. सभी राजनीतिक पार्टियां अपने अपने सियासी मोहरों को साधने की कवायद में जुट गई हैं. इसी क्रम में ब्राह्मणों के बूते 2007 में बहुमत से सरकार बनाने वाली बसपा सुप्रीमो ने ब्राह्मणों को एक बार फिर जोड़ने के लिए ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत की है. आगामी 23 जुलाई को बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत करेंगे. इसके बाद यह कार्यक्रम 23 जुलाई से लेकर 29 जुलाई तक प्रदेश के अलग—अलग जिलों में चलाया जाएगा.

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती भलिभांती जानती हैं कि दलितों के सहारे चुनाव वैतरणी पार करना बहुत मुश्किल है, वो भी तब चंद्रशेखर रावण ने दलितों के वोट बैंक में सेंधमारी कर ली है. पंचायत चुनाव में चंद्रशेखर रावण की पार्टी के प्रदर्शन के बाद मायावती अपने वोट बैंक को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति बनाना शुरू कर दिया है. दलितों के साथ वह इस बार चुनाव में एक बार फिर ब्राह्मणों का साथ चाहती हैं. उन्हें पता है यदि ब्राह्मण साथ आ गया तो वह आसानी से विधानसभा चुनाव में तुरुप का इक्का साबित होंगी. इसके लिए उन्होंने अपने विश्वनीय सतीशचंद्र मिश्र के साथ गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है.