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पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला : सड़क निर्माण में मिट्टी पर डाला गया पत्थर और तारकोल, ग्रामीणों ने हाथों से उखाड़ी

पीडब्ल्यूडी में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला : सड़क निर्माण में मिट्टी पर डाला गया पत्थर और तारकोल, ग्रामीणों ने हाथों से उखाड़ी
UP City News | Nov 22, 2022 07:09 PM IST

लखीमपुर. उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर(Lakhimpur) से पीडब्ल्यूडी(PWD) में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है. जिसमें नई बनी सड़क को ग्रामीण हाथों से उखाड़ रहे हैं. बताया जा रहा है कि कमीशन बाजी(commission bet) के खेल में सरकार को करोड़ों का नुकसान हुआ है. सड़क निर्माण में मिट्टी पर पत्थर और तारकोल डाला गया है. इस मामले में MD भानु चंद्र गोस्वामी ने जांच बैठाई है. यह सड़क बालाजी कंस्ट्रक्शन ने 6 करोड़ की लागत से बनाई है और इसे ठेकेदार संजीव चौहान द्वारा मनाया गया है.

बताते चलें कि इस पूरे मामले के सामने आने के बाद संबंधित विभाग और अधिकारियों में हड़कंप मच गया था. अब इस मामले पर पीडब्ल्यूडी विभाग अनुभाग दो के अधिशासी अभियंता एजाज सिद्धकी ने जानकारी देते हुए कहा कि, मामला यह है कि इस रोड की लंबाई 11 किलोमीटर की है. यहां बिटविन का काम चल रहा था. ठेकेदार ने 200 मीटर तक काम किया था. विभाग की तरफ से ठेकेदार को काम करने के लिए मना कर दिया गया था, क्योंकि उसने सफाई का काम अच्छे से नहीं किया था.

अनुसार सड़क निर्माण की लागत करीब 6 करोड़ के आसपास है. अभियंता ने जानकारी देते हुए बताया कि, 200 मीटर रोड का निर्माण किया गया लेकिन मिट्टी की सफाई नहीं करवाई गई. इस वजह से यह निकल रही है. इसे सही करने के लिए उसे दोबारा निकलवाकर फिर से काम करवाया जाएगा. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि, अगर ठेकेदार इसपर फिर से काम नहीं करेगा तो ऐसे लोगों को ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा.

अधिशासी अभियंता ने आगे कहा कि, जेई एई और सहायक अभियंता द्वारा कार्य रुकवाने के बाद हमारे कर्मचारी दो दिनों तक साइट पर नहीं जा पाए. ठेकेदार द्वारा 200 मीटर में बगैर सफाई के जो कार्य किया है वह गलत है. विभाग की तरफ से फिर से कार्य करने का आदेश ठेकेदार को दे दिया गया है. उन्होंने आगे कहा कि, अगर ठेकेदार फिर से कार्य नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस पूरे मामले पर ग्रामीण काफी गुस्से में हैं. ग्रामीणों ने कमीशन बाजी का आरोप लगाते हुए सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का आरोप लगाया है. गांव वालों ने इस मामले में ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की है.