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अंबेडकरनगर में मर्डर का एक अनोखा मामला: 40 साल बाद तय हो पाया कि वो 1981 में किशोर था या बालिग

अंबेडकरनगर में मर्डर का एक अनोखा मामला: 40 साल बाद तय हो पाया कि वो 1981 में किशोर था या बालिग
UP City News | Nov 26, 2021 08:15 AM IST

लखनऊ. चार दशक से इंसाफ की उम्मीद पाले बैठे किशोर 40 साल बाद तब न्याय मिला जब वो किशोर से अधेड़ हो गया. 40 साल बाद ये तय हो पाया कि वो 1981 में किशोर था या बालिग. हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने हत्या के एक मामले में चालीस साल बाद हत्या के मामले में दोषसिद्ध आरोपी को घटना के समय किशोर घोषित किया है.

अंबेडकरनगर में मर्डर मामले में न्यायालय ने पाया कि अपीलार्थी तीन साल से अधिक समय जेल में काट चुका है, ऐसे में कोर्ट ने इस अवधि के कारावास का दंड सुनाते हुए, उसे जेल से तत्काल रिहा करने का आदेश दिया है. आरोपी की उम्र इस समय 56 साल हो चुकी है. यह निर्णय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा व न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने संग्राम की ओर से दाखिल अपील पर सुनाया.

अम्बेडकर नगर की एक अपर सत्र अदालत ने 25 नवंबर 1981 को अभियुक्त राम कुमार व संग्राम को इब्राहिमपुर थानाक्षेत्र अंतर्गत हत्या के एक मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई थी. घटना आठ जनवरी 1981 की थी. अपर सत्र अदालत के फैसले के खिलाफ दोनों की ओर से हाईकोर्ट में वर्ष 1981 में अपील दाखिल की गई.