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Uttar Pradesh Critical Illness Assistance Scheme : अब इलाज के लिए पैसों की समस्या नहीं आएगी आड़े

Uttar Pradesh Critical Illness Assistance Scheme : अब इलाज के लिए पैसों की समस्या नहीं आएगी आड़े
UP City News | Nov 26, 2021 12:43 PM IST

लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार (Yogi's Government) असं​गठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए काफी काम कर रही है. योगी सरकार ने गंभीर बीमारी से जूझ रहे श्रमिकों और उनके परिजनों के इलाज के लिए उत्तर प्रदेश गंभीर बीमारी सहायता योजना (Uttar Pradesh Critical Illness Assistance Scheme) की शुरुआत की है. इस योजना के अंतर्गत सभी निर्माण श्रमिक (गत वित्तीय वर्ष से पंजीकृत) स्वयं और उनके पारिवारिक सदस्य पात्र होंगे. इस योजना के अंतर्गत हृदय का आपरेशन‚ गुर्दा ट्रांसप्लांट‚ लीवर ट्रांसप्लांट‚ मस्तिष्क का आपरेशन‚ रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन‚ पैर के घुटने का बदलवाना‚ कैंसर का इलाज‚ एड्स आदि का इलाज कराया जा सकता है.

योजना का लाभ
योगी सरकार (Yogi's Government) ने श्रमिकों के लिए इस योजना को शुरू किया है. इसका उद्देश्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराना है. इस योजना के पात्र स्वयं अथवा अपने किसी भी पारिवारिक सदस्य की गंभीर बीमारी का किसी भी सरकारी सरकारी स्वायत्तशासी चिकित्सालय में नि:शुल्क उपचार करा सकता है. लाभार्थी गंभीर बीमारी होने की स्थिति में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना भारत सरकार (CGHS व ESI) द्वारा मान्यता प्राप्त अस्पतालों में इलाज कराता है तो उसके इलाज के खर्च का भुगतान सरकार सीधे अस्पताल को करता है. इससे प्रदेश के नागरिकों को बीमारी की हालत में आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता है.

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आवेदन के लिए महत्वपूर्ण बातें
उत्तर प्रदेश गंभीर बीमारी सहायता योजना (Uttar Pradesh Critical Illness Assistance Scheme) का लाभ लेने के लिए पात्र को उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए. इस योजना का पात्र आर्थिक रूप से कमजोर और सरकार को टैक्स का भुगतान नहीं करने वाला होना चाहिए. देने वाला नहीं होना चाहिए. इसके साथ ही पात्र के परिवार का कोई भी सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए. इसके साथ ही पात्र का श्रमिक बोर्ड में पंजीकरण होना चाहिए. किसी गंभीर बीमारी के इलाज के दौरान उपचार करने वाले चिकित्सक/अस्पताल द्वारा प्रारूप-2 पर दिया गया प्रमाणपत्र और दवाइयों के क्रय पर हुए व्यय के मूल बिल/बाउचर, जो कि चिकित्सक/अस्पताल द्वारा प्रामाणित किए गए हो, भी लगाना अनिवार्य है.

ऐसे करें आवेदन

  • लाभार्थी श्रमिक को निर्धारित प्रपत्र पर दो प्रतियों में आवेदनपत्र प्रस्तुत करना होगा. इसके लिए www.upbocw.in से आपको आवेदनपत्र डाउनलोड करना होगा.
  • निर्धारित प्रारूप-1 पर आवेदनपत्र और पहचान प्रमाणपत्र की फोटोप्रति.
  • निर्धारित प्रारूप-2 पर समक्ष मुख्य चिकित्साधीक्षक/चिकित्सा बोर्ड द्वारा अनुमन्य एवं प्रतिहस्ताक्षरित प्रमाणपत्र
    दवाइयों के क्रय पर व्यय के मूल बिल/बाउचर, जो कि चिकित्सक/अस्पताल द्वारा प्रमाणित अथवा भुगतान हेतु सत्यापित किए गए हो.
    यदि रोगी अविवाहित पुत्री अथवा 21 वर्ष से कम आयु का पुत्र है तो पंजीकृत निर्माण श्रमिक पर आश्रित होने का प्रमाणपत्र.
  • लाभार्थी को विवरण निर्धारित पंजिका में जिला श्रम कार्यालय के साथ-साथ क्षेत्रीय अपर/उप श्रम आयुक्त कार्यालय में जमा कराना होगा.
    इसके बाद क्षेत्रीय अपर/उप श्रम आयुक्त कार्यालय द्वारा योजनावार, लाभार्थीवार और जिलवार पूर्ण विवरण निर्धारित प्रपत्रों को एकत्रित कर उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के कार्यालय में अगले चार दिन में उपलब्ध कराने होंगे.
  • उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड जांच के बाद धनराशि हस्तांरित कर देगा.