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कोरोना से ठीक होने के बाद फेफड़ों को कैसे मजबूत करें, जानिए

कोरोना से ठीक होने के बाद फेफड़ों को कैसे मजबूत करें, जानिए
UP City News | Jun 11, 2021 02:58 PM IST

नई दिल्ली. भारत कोरोना की महामारी से जूझ रहा है. नाइटिंगल्स होम हेल्थ सर्विसेज के  लीड रिहैबिलिटेशन, डॉ. अक्षत रावबेंगलुरु ने बताया कि 0 से 64 उम्र से ज्यादा 65 की उम्र वाले व्यक्तियों पर कोरोना का ज्यादा प्रभाव पड़ा है.

कोरोना हमारे फेफड़े को काफी प्रभावित करता है, जिसके चलते सांस लेने में तकलीफ और ऑक्सीजन की कमी हो सकती है. यह लक्षण काफी गम्भीर इन लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता पड़ जाती है. हालाकिं अस्पताल से छुट्टी पाने के बाद भी शरीर में काफी तकलीफें बनी रहती हैं. करीबन 10 व्यक्तियों में से एक 12 सप्ताह के बाद भी "लंबे समय से कोविड या पोस्ट-कोविड स्वास्थ्य स्थितियों" का अनुभव करता है.

डॉ. राव कहते है कि ऐसे मरीजों के लिए फिजियोथेरेपिस्ट की योजना को अपना बेहद जरूरी है ताकि मरीजों का स्तिथि में सुधार आ सके और उनहें अस्पताल में दुबारा भरती होने की आवश्यकता न पड़े. कई तरीके के वयायाम करने से ऑक्सीजन स्थिति में सुधार होगा.

सांस लेने में सुधार                                                                            कुर्सी पर बैठते वक्त अपने उपर एक तखिया रखें अपनी दोनों हाथ की कोनी को अपने घुटने से जोड़ने की कोशिश करें. यह आप दीवार का सहारा लेकर खड़े होकर भा कर सकते हैं. इसकी मदद से भी आपकी ऑक्सीजन में सुधार हो सकता है. अपने पेट के बल लेट जाइए, इसको प्रोन पोजिशन भी बोलते है.

पेट का उपयोग कर श्वास: डायाफ्राम मांसपेशियों का उपयोग कर श्वास में सुधार कर सकते हैं. कुछ सहारा के साथ या में बैठें, अपना हाथ पेट पर रखें और जैसे ही आप सांस लेते हैं, पेट ऊपर चला जाता है, और धीरे-धीरे सांस लेता है, पेट नीचे चला जाता है.

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जब कोविड के कारण फेफड़े प्रभावित होते हैं, तो वे सामान्य थूक से अधिक उत्पादन करते हैं जिसे सांस लेने को आसान बनाने और आगे के संक्रमण से बचने के लिए समाशोधन की आवश्यकता होती है. इस तरह की स्थितियों में, श्वास तकनीक (ACBT) के, सबसे अच्छा एक फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा सिखाया गया श्वास अभ्यास का एक सेट, ,  खांसी और थूक के फेफड़ों को साफ करने में मदद कर सकते हैं. इस तरह यह प्रदर्शन किया जा सकता है: