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क्या महिलाओं के लिये पुरुषों की तुलना में वजन कम करना ज्यादा मुश्किल है?

क्या महिलाओं के लिये पुरुषों की तुलना में वजन कम करना ज्यादा मुश्किल है?
UP City News | Jun 17, 2022 02:40 PM IST

नई दिल्ली: अपने बढ़ते हुए शरीर का वजन कम करना हर किसी के लिए एक मुश्किल काम हो सकता है. लोग जिम जाकर, व्यायाम कर के, डाइटिंग आदि द्वारा कड़ी मशक्कत करते है अपना वजन कम करने के लिए. लेकिन, कुछ के हाथ सफलता लगती है और कुछ को निराशा ही हाथ लगती है. अपने कुछ किलो कम करना बेहद मुश्किल कार्य है. वजन घटाना एक विषय के रूप में देखा जाए तो इसकी कई परतें होती है जो किसी भी व्यक्ति के स्वास्थ्य, जीवनशैली, अनुशासन और अक्सर उनके लिंग से भी संबंधित होती है.

अक्सर यह देखा गया है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को अपना वज़न घटाने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. तो क्या इससे यह समझा जाये कि महिलाओं के लिये पुरुषों की तुलना में वजन कम करना अधिक चुनौतीपूर्ण है?

न्यूट्रिशनिस्ट भक्ति कपूर के अनुसार, ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से एक महिला को कुछ किलो वजन कम करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जबकि पुरुष इसे आसानी से कर सकते हैं. इसका संबंध सीधे तौर पर तीन बातों से है, वे है-

1. लो टेस्टोस्टेरोन: कम टेस्टोस्टेरोन होने के कारण वजन कम करना मुश्किल हो जाता है. भक्ति कपूर के अनुसार, एक अध्ययन के लिए टेस्टोस्टेरोन प्रतिस्थापन इंजेक्शन लगवाने वाले पुरुषों की प्रोग्रेस को 11 वर्षों तक ट्रैक किया गया था. जिन्होंने इंजेक्शन लिया उनके शरीर के वजन का औसत 20% कम हो गया.

2.शारीरिक संरचना: हमारी शारीरिक संरचना भी एक्स फैक्टर है जिसके कारण महिलाओं को वजन कम करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. पुरुषों में महिलाओं की तुलना में शरीर अधिक दुबला द्रव्यमान होता है, वहीं महिलाओं में वसा द्रव्यमान यानी फैट मांस होता है. पुरुषों में ट्रन्क और पेट के आसपास फैट जमा होने की संभावना अधिक होती है जबकि महिलाओं में आम तौर पर हिप्स और जांघों के आस पास फैट टिशूज पाए जाते हैं.

3. हार्मोनल उतार-चढ़ाव: शरीर में कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए हार्मोन जिम्मेदार होते हैं, जिसमें मांसपेशियों को बनाए रखने, शरीर की चर्बी कम करने और तनाव और भूख से निपटने की हमारी क्षमता शामिल है. नतीजतन, जब हार्मोनल असंतुलन होता है, तो वजन कम करना और भी मुश्किल हो जाता है.

भक्ति ने बताया,  'फैट' 'अनहेल्दी' के बराबर नहीं है. महिलाओं में पुरुषों की तुलना बड़े वसा भंडार होते हैं लेकिन ये उनकी फिजियोलॉजी के कारण होता है ना कि अतिरिक्त वजन के कारण.  सिर्फ इसलिए की एक महिला के शरीर में पुरुषों की तुलना में 11% अधिक वसा होती है इसका मतलब यह नहीं निकाला जा सकता की वह 11% मोटी है.

भक्ति के अनुसार भले ही एक महिला शारीरिक रूप से परफेक्ट स्थिति में हो, उसके पास एक आदमी की तुलना में 6-11 प्रतिशत अधिक फैट होता है.