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अगर अपने भी अब तक नहीं लगवाई है कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ तो ये खबर आपके लिए है

अगर अपने भी अब तक नहीं लगवाई है कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज़ तो ये खबर आपके लिए है
UP City News | Sep 26, 2021 11:20 AM IST

नई दिल्ली. भारत धीमी शुरुआत के बाद कोविड -19 के खिलाफ अपने टीकाकरण अभियान को तेजी से आगे बढ़ा रहा है. 24 सितंबर तक, देश भर में 84.8 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं. भारत अगले महीने के अंत तक 100 करोड़ खुराक का मील का पत्थर छू सकता है. आधी से अधिक वयस्क आबादी ने कोविड -19 वैक्सीन का कम से कम एक डोज ले लिया है, हालांकि सरकार और स्वास्थ्य विशेषज्ञ नागरिकों से दूसरी खुराक भी प्राप्त करके अपना टीकाकरण पूरा करने का आग्रह कर रहे हैं.

हालांकि, कुछ लोग विभिन्न कारणों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना दूसरेे डोज चूक गए हैं. एक अख़बार के अनुसार 17 अगस्त की एक रिपोर्ट में, तमिलनाडु में कम से कम 3.94 लाख लोग, कोवैक्सिन के अपने दूसरे शॉट से चूक गए. विशेषज्ञों का सुझाव है कि जो लोग अपना दूसरा डोज समय पर नहीं ले सके, वे एंटीबॉडी परीक्षण के लिए जा सकते हैं.

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के राष्ट्रीय गैर-संचारी रोगों के कार्यान्वयन अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ अरुण शर्मा ने कहा कि सरकार लगातार नागरिकों को उनके लंबित डोज के बारे में सूचित करती है. जब तक कि एक व्यक्ति पूरी तरह से टीकाकरण नहीं कर लेता. यदि व्यक्ति फिर भी दूसरी खुराक लेने में विफल रहता है, तो डॉ शर्मा ने सुझाव दिया कि वह किसी विशेषज्ञ की मदद ले सकता है.

डॉ शर्मा ने कहा कि व्यक्ति या तो दूसरे शॉट के लिए जा सकता है या टीकाकरण से पहले एंटीबॉडी परीक्षण कर सकता है. उन्होंने कहा कि एंटीबॉडी परीक्षण से पहली खुराक से बनने वाले एंटीबॉडी की संख्या का पता लगाने में मदद मिलेगी. अपर्याप्त एंटीबॉडी वाले लोग पुन: टीकाकरण के लिए जा सकते हैं लेकिन डॉक्टर से परामर्श करने के बाद.

उन्होंने यह भी कहा कि यह निष्कर्ष निकालने के लिए कोई शोध या अध्ययन नहीं किया गया है कि क्या कोई व्यक्ति दूसरी खुराक में देरी या अन्य कारणों से एंटीबॉडी का उत्पादन नहीं होने की स्थिति में टीकाकरण के लिए जा सकता है. डॉ शर्मा ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि दूसरे शॉट में देरी के बाद संभावित उपायों के लिए कोई सरकारी दिशानिर्देश नहीं हैं.