सिटी न्यूज़

अधिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल आपको बना सकता है मानसिक रोगी

अधिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल आपको बना सकता है मानसिक रोगी
UP City News | Feb 19, 2021 10:48 PM IST

क्या आपको मालूम है? आजकल की हमारी लाइफस्टाइल हमें दिमागी रूप से कमज़ोर और हमें बार बार भूलने की बीमारी जैसी समस्याओं का सामना करवा सकती है. जिस लाइफ को आप सबसे बेहतर और कूल मानते हैं. आपको बता दें असल में वही लाइफस्टाइल हमें अन्दर ही अन्दर बीमार बना रही है. जी हां आपने एक दम सही पढ़ा. यदि आपको भी अपने साथ कुछ ऐसा ही महसूस होता है, तो इस जानकारी को अंत तक पढ़िए. यहाँ छुपे हैं आपके सारे सवालों के जवाब.

दरअसल आज का युवा आज की अपनी लाइफ को अपने हिसाब और तौर-तरीकों के साथ जीना पसंद करता है. आपको बता दें आज कल की हमारी यही लाइफ स्टाइल ही हमें दिमागी रूप से अस्वस्थ बना सकती है. युवा दिन से ज्यादा आजकल रात को एक्टिव रहता है. जहां पर वह ज़्यादातर सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म के साथ खुद की एक वर्चुअल मौजूदगी को दिखता है, जिसका बुरा असर हमारे दिमाग और स्वास्थ्य पर पड़ता है. क्या आप जानते हैं अधिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने से हम मानसिक रूप से बीमार पड़ सकते हैं. आपको भूलने की बीमारी हो सकती है या फिर आप मानसिक तनाव से भी जूझ सकते हो. नहीं तो अब आप इस बात का ख्याल रखियेगा.

आजकल की युवाओं की लाइफस्टाइल का सीधा असर उसके स्वास्थ्य पर पड़ता है. बाहर का खाना, पार्टी करना, लोगों से आपसी तौर पर कम मिलना और वर्चुअल दुनिया में अधिक मिलना, इन सभी चीजों से आपके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है. आपको बता दें जब हमारे दिमाग में चिड़चिड़ापन होता है, तो हमें भूख भी कम लगती है और ऐसे में इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है. इसका कारण सिर्फ और सिर्फ लोगों से व्यक्तिगत रूप में कम बल्कि वर्चुअल दुनिया में अधिक रहने से होता है.

क्या आप जानते हैं जो लोग सोशल मीडिया का अधिक प्रयोग करते हैं उनमे सामाजिक तौर पर लोगों से बात करने की स्किल कम पाई जाती है. बजाय सोशल मीडिया के आपने अपने आस पास ऐसे लोगों को ज़रूर देखा होगा, जो लोग सामने तो कुछ नही कहते लेकिन सोशल मीडिया पर अक्सर बहुत कुछ बोल जाते हैं. ऐसे लोग या तो मानसिक तनाव से गुज़र रहे होते हैं या इन लोगों में अन्य लोगों के मुकाबले सोशल स्किल बहुत कम पाई जाती है.

अब आपको यह बात मान लेनी चाहिये की सामाजिक तौर पर हम सभी के लिए एक दुसरे से मिलना-झुलना बेहद ज़रूरी है, क्योंकि अगर आप सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताएंगे तो यह बात एक डैम सच है की वो दिन दूर नहीं जब आप खुद से ही एक दिन परेशान हो कर किसी मानसिक बीमारी से जूझ रहे होंगे.