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कानपुर के दो युवकों ने आपदा को बदला अवसर में, 50 हजार लोगों को दिया रोजगार

कानपुर के दो युवकों ने आपदा को बदला अवसर में, 50 हजार लोगों को दिया रोजगार
UP City News | Jan 10, 2021 08:42 PM IST

कानपुर. कानपुर के दो युवकों ने पीएम मोदी के उस सपने को सचमुच में साकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कोरोना काल में आपदा को भी अवसर में बदलने का आग्रह देशवासियों से किया था. कानपुर के दो युवकों ने पीएम के इसी स्लोगन को अपने बिजनेस का मूलमंत्र मान लिया. कोरोना काल में जब पूरे देश में सारे धंधे बंद पड़े थे, तब इन्होंने अपना एक ऐप बनाकर पूरे देश के 17 राज्यों में 50 हजार से ज्यादा युवाओं को रोजगार दिया.

कानपुर के एल्डिको में रेडमिल बिजनेस ऐप के ऑफिस में कई लोग काम कर रहे हैं. आपको यह जानकर हैरानी होगी के इन सबको को ये जॉब उन्हीं छ: महीनों में मिली है, जिस समय पूरे देश में बड़ी बड़ी कम्पनियां छटनी कर रही थी. इस समय रेड बिल बिजनेस ऐप कंपनी के ऑफिस में जॉब कर रहे हैं 50 हजार युवा पूरे देश में इस समय रेड बिल बिजनेस एप कंपनी के एजेंट के रूप में रोजगार पा रहे हैं.

आपदा को अवसर में बदला

बता दें कि कानपुर के दो युवकों आशीष पालीवाल और सागर ने अपना रेडबिल ऐप बनाकर देश के युवाओं को रोजगार देकर एक नई पहल स्थापित की. इनका कहना है कि हम अपनी जॉब छोड़ चुके थे, तभी प्रधानमंत्री के 'आपदा में अवसर' स्लोगन से प्रेरणा लेकर हमने सोचा क्यों न कोई ऐसा ऐप जो लोगो को घर बैठे ही बैंकिंग, गैस बुकिंग, बिलिंग जैसी सुविधाएं देने वाला रास्ता बन जाए. इसी दौरान हमने ये ऐप बना डाला जिसमें पहले तो ढाई हजार लोग जुड़े, बाद में धीरे धीरे आज 17 राज्यों के पचास हजार से ज्यादा लोग इस ऐप से अपना रोजगार कर रहे हैं. इन्होंने बताया कि हमने इसमें किसी भी चीनी कंपनी का सहयोग नहीं लिया है. साथ ही अपने ऐप में किसी चीनी कम्पनी को व्यापार करने की अनुमति नहीं दी है.

गौरतलब है कि कोरोना काल में लॉकडाउन के चलते सभी घर बैठे थे, लेकिन उनकी जरूरतें बरक़रार थी. इन दोनों को भी लोगो की जरूरतों के ख्याल से ही ये ऐप बनाने की प्रेरणा मिली. इस एप के मुख्य सूत्रधार सागर का कहना है आज देश की हर बड़ी कंपनी चाहे रिलायंस हो या बड़ी बैंक सब हमारी ऐप की भागीदार बनी हैं. देश के किसी भी कोने में जब कोई हमारे ऐप से जुड़ता है, तो पहले हम उसकी केवाईसी लेकर उसको एनपीआईसी की मंजूरी के लिए भेजते हैं. जहां से मंजूरी मिलने के बाद ही हम उसे अपना एजेंट बनाते है. हम इसमें रिजर्व बैंक के सारे नियम फॉलो करते हैं. इसके बाद उनको बिजनेश करने की ट्रेनिंग देते हैं. इस ऐप के सहारे लोग अपने इलाके के और जान परिचित लोगो को बैंकिंग, बिलिंग गैस, होटल, बीमा जैसी दर्जनों सुविधाएं देकर अपना कमीशन पैदा करके रोजगार कर रहे हैं. जिन बड़ी कंपनियों की वो सुविधा अपने लोगों देते हैं. उसका भी कमीशन उनको घर बैठे मिलता रहता है.

कोरोना काल में बेरोजगार हुए लोगों को मिला रोजगार

रेडमिल ऐप से जुड़ने वाले युवाओं में सैकड़ों ऐसे लोग हैं, जिनकी कोरोना काल में जॉब छूट गई थी. दिल्ली, बैंगलौर, गुड़गांव सिटी के युवा भी जब मज़बूरी में अपने घर लौट कर आये थे, तो उनको भी इस रेडबिल कंपनी ने रोजगार का अवसर प्रदान किया है. ऐसे युवक युवतियां स्वीकार कर रहे है की इस कंपनी हमें रोजगार संकट के दौर में सहारा दिया है. आज वो इस जॉब संकट काल में भी अपनी जॉब रेडमिल में आराम से कर रहे है. आज कानपुर में आफिस में गुड़गांव, दिल्ली, बैंगलौर, लखनऊ, मुंबई जैसे शहरों के तीन सौ युवा रेडमिल में जॉब कर रहे हैय ये लोग देश भर में फैले अपने पचास हजार एजेंटो को गाइड करके रोजगार की चेन आगे बढ़ा रहे हैं.

रेडमिल में जॉब करने वाली अनुभूति श्रीवास्तव ने बताया कि मेरा कोरोना के चलते लखनऊ में जॉब छूट गया था. ऐसे में उसी दौर में रेडमिल के बारे मुझे पता चला. यहां मैंने कांटेक्ट किया, जॉब मिला ये मेरे लिए बहुत अच्छा हुआ. घर पर रह कर जॉब भी कर रही हूं. ये बहुत अच्छा हुआ. वहीं पलक शुक्ला ने बताया कि मेरी गुड़गांव में जॉब छूट गई थी, तभी इस ऐप के बारे में जानकारी हुई. मैंने रेडमिल एप डाऊनलोड किया.