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मुस्लिम समाज में मंगनी, चौथी जैसी रस्में बंद करने के लिए मुहिम चलाने की तैयारी

मुस्लिम समाज में मंगनी, चौथी जैसी रस्में बंद करने के लिए मुहिम चलाने की तैयारी
UP City News | Sep 19, 2021 09:46 AM IST

कानपुरमुस्लिम शादियों में मंगनी, चौथी और जूता चुराई जैसी रस्मों को बंद करने के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुहिम चलाने जा रहा है. इन रस्मों को बंद कराने के लिए ख्वातीनों की टीमें घर-घर जाकर महिलाओं को जागरूक करने काम काम करेंगी. इन रस्मों को बंद करने का मकसद है कि इस्लाम में निकाह को आसान बनाया जा सके है. मुस्लिम शादियों में इन रस्मों को बंदकरने के लिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड देशभर में यह मुहिम चलाने जा रहा है.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने देशभर में मुस्लिम शादियों को आसान बनाने के लिए शादियों में मंगनी, चौथी और जूता चुराई जैसी रस्मों को बंद करने के लिए मुहीम चलाने का फैसला लिया है. बोर्ड का कहना है की इस मुहीम के तहत मस्जिदों में निकाह पर जोर देने, बारातों में बैंड, आतिशबाजी रोकने, बेटियों के घरों में दावतों को सीमित करने और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने जैसी बातों को शामिल किया गया है. ये रश्मे खर्चीली और शरिया के खिलाफ हैं. इस मुहीम की जिम्मेदारी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की महिला विंग संभालेगी. मुस्लिम पर्सनल बोर्ड के पदाधिकारियों का कहना है कि शादी तय करने से पहले होने वाले बड़े समारोह जैसे मंगनी, तारीख तय करना, शादी से समारोहों से जुड़ीं अनेक रस्में, दहेज, वीडियोग्राफी आदि को रोकने के लिए इन्हें समझाया जाएगा.

ऑल इंडिय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में महिला विंग की सदर असमां जहरा ने शनिवार को एक ऑनलाइन इजलास में कहा कि गलत रस्मों के साथ शादी के मौके पर मौसिकी के प्रोग्राम वगैराह भी बंद होने चाहिए. दीन पर कायम रहते हुए सादगी से निकाह को बढ़ावा देने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि सिर्फ इतना ही नहीं शादी के बाद पहले बच्चे की पैदाइश पर पूरा खर्च बेटी के मां-बाप पर डाला जाता है जो गलत परंपरा है। इसे पूरी तरह बंद करने की जरूरत है.