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कानपुर: 1984 में हुए सिख नरसंहार मामले में चारों गिरफ्तार दोषियों को भेजा गया जेल, सिखों ने मनाया जश्न

कानपुर: 1984 में हुए सिख नरसंहार मामले में चारों गिरफ्तार दोषियों को भेजा गया जेल, सिखों ने मनाया जश्न
UP City News | Jun 16, 2022 07:27 AM IST

कानपुर. यूपी के कानपुर में 1984 में हुए सिख नरसंहार मामले में एसआईटी की जांच पूरी हो चुकी है. जिसमें 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एसआईटी की जांच में चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज जेल भेजे जाने के बाद सिखों ने जश्न मनाया. उन्होंने बारादेवी चौराहे पर आतिशबाजी की, मिठाइयां बांटी और घी के दीपक जलाए. इसके साथ ही मोदी और योगी सरकार का आभार व्यक्त किया.

बताते चलें कि 1984 में कानपुर में सिख नरसंहार नरसंहार किया गया था. जिसमें एसआईटी टीम गठित कर जांच की गई थी. नरसंहार मामले में जब एसआईटी की टीम ने 4 लोगों को दोषी मानकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तो सिखों की खुशियां आसमान छूने लगी. जिसके बाद उन्होंने बारादेवी चौराहे पर आतिशबाजी की एक दूसरे को मिठाइयां बांटी और घी के दीपक जलाएं. बता दें कि 1984 के दंगे में 127 लोगों के परिवार के सदस्यों की जान गई थी जो 38 साल बाद गिरफ्तार कर 4 दोषियों को जेल भेजा गया है.

पूरा मामला किदवई नगर थाना क्षेत्र स्थित निराला नगर में एक बिल्डिंग में दर्जनों सिख परिवार रहते थे. 1 नवंबर 1984 को दंगाइयों की भीड़ ने 3 मंजिला इमारत पर धावा बोल दिया. दंगाइयों ने 4 सिखों की बेरहमी से हत्या कर दी थी. जिसमें दंगाइयों ने रक्षपाल सिंह, भूपेंद्र सिंह को बिल्डिंग से नीचे फेंक दिया था. वही गुरुदयाल सिंह भाटिया और उनके बेटे सतवीर सिंह भाटिया को गोली मार दी थी. इसके बाद दंगाइयों ने बिल्डिंग में लूटपाट कर आग के हवाले कर दिया था.

इस घटना से के बाद पड़ोस में रहने वाले वीरेंद्र सिंह ने किदवई नगर थाने में हत्या, डकैती का मामला दर्ज कराया था. डीआईजी एसआईटी बालेंदु भूषण सिंह का कहना है कि इस मामले में 28 आरोपियों को चिन्हित किया गया था. जिससे चार आरोपियों की घटना से अरेस्टिंग की गई है. जिसमें घाटमपुरी में रहने वाले सफीउल्लाह, जलाला गांव में रहने वाले जोगिंदर सिंह उर्फ बब्बन बाबा, विजय नारायण सिंह, अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी की गई है. इसके साथ ही एसआईटी जल्दी अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी.