सिटी न्यूज़

घर के बुरे हालात में भी टॉपर लिस्ट में नाम दर्ज कराया कानपुर की किरण कुशवाहा ने

घर के बुरे हालात में भी टॉपर लिस्ट में नाम दर्ज कराया कानपुर की किरण कुशवाहा ने
UP City News | Jun 18, 2022 11:41 PM IST

कानपुर. आज का दिन, 18 जून 2022, यूपी बोर्ड से टॉप करने वाले छात्रों के नाम रहा. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने आज 10वीं और 12वीं का नतीजा घोषित कर दिया है, जिसके चलते छात्रों में उत्साह का माहौल है. इस बार भी छात्राओं ने बाजी मारी है. यूपी बोर्ड 10वीं परीक्षा 2022 में इस बार 91.69% छात्राओं को सफलता मिली है. यूपी बोर्ड, हाईस्कूल में कानपुर की किरण कुशवाहा और मुरादाबाद की संस्कृति ठाकुर ने 600 में 585 नंबर हासिल किए. दोनों छात्राएं प्रदेश की टापर लिस्ट में दूसरे नंबर पर हैं. कानपुर के प्रिंस पटेल ने यूपी बोर्ड 10वीं में प्रथम स्थान हासिल किया है.

किरण कुशवाहा, कानपुर के शिवाजी इंटर कालेज, अर्रा की छात्रा हैं. कानपुर के नौबस्ता की रहने वाली किरण के पिता संजय कुमार पिकअप चलाते हैं. संजय की पांच बेटियां हैं, जिनमें किरण सबसे छोटी है. मां रूमा देवी हाउस वाइफ हैं. मां रूमा देवी ने कहा कि वह बेटी को खूब पढ़ाना चाहती हैं लेकिन आर्थिक हालात ऐसे नहीं हैं. किरण ने कहा कि यह सफलता परिवार, गुरुजनों और ईश्वर की कृपा से मिली है.

पांच बहनो में किरण सबसे छोटी हैं और तीन की शादी हो चुकी है. किरण की मां रूमा ने कहा- कोरोना के दौरान घर के हालात बिगड़ गए थे, किरण की फीस भी जमा नही कर पाते थे.  उस वक्त स्कूल छुड़वाने का विचार आया, लेकिन तब किरण ने कहा कि, "माँ मुझे पढ़ने दो, मैं घर के हालात बदल दूंगी."

किरण ने कहा कि, मैंने गरीबी देखी है. मुझे आगे पढ़ाई करके देश के गरीबों की सेवा करनी है. उनका जीवन बेहतर हो ऐसा काम करना है. उसने बताया कि कोरोना काल में जब लाकडाउन लगा, में परिवार की स्तिथि बहुत खराब हो गई थी. परिवार को खाने के लिए भी जूझना पड़ा. पापा के पास काम नहीं था. स्कूल ऑनलाइन थे, मेरे पास मोबाइल और लैपटॉप नहीं था. पढ़ाई के लिए बड़ी बहन पूजा ने मोबाइल खरीदकर दिया.

किरण के स्कूल,  शिवाजी इंटर कालेज के प्रिंसिपल दिनेश अवस्थी ने कहा कि किरण पर उन्हें और उनके स्कूल को गर्व है. वह बहुत प्रतिभावान है. उन्हें विश्वास है कि किरण आगे चलकर बड़ा मुकाम हासिल करेगी. गौरतलब है कि,इस साल यूपी बोर्ड 10वीं में कुल 88.18% परीक्षार्थी सफल हुए हैं. करीब 27 लाख बच्चों में टॉप-10 में स्थान बनाने वाले कुल 27 बच्चे हैं, जिनमें 19 लड़कियां और 8 लड़के हैं.