सिटी न्यूज़

Assistant Professor Recruitment में पीएचडी की अनिर्वायता खत्म, जानें कब तक बढ़ाई गई छूट

Assistant Professor Recruitment में पीएचडी की अनिर्वायता खत्म, जानें कब तक बढ़ाई गई छूट
UP City News | Oct 14, 2021 10:40 AM IST

लखनऊ. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में असिस्‍टेंट प्रोफेसर भर्ती (Assistant Professor Recruitment) में एक अहम बदलाव किया है. यूजीसी निर्धारित योग्यताओं में बदलाव किया हैै. इससे पहले भी इसमें बदलाव हो चुका है. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया कि यूजीसी ने अब असिस्‍टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए पीएचडी की अनिर्वायता को समाप्त कर दिया गया है. हालांकि आयोग ने अगले 2 वर्षों के लिए यह छूट बढ़ाई है. नई जानकारी के मुताबिक जुलाई 2023 तक पीएचडी की अनिवार्यता खत्‍म रहेगी.

गौरतलब है कि विभिन्न विश्वविद्यालयों में भर्ती को सुविधाजनक बनाने की दिशा में ये अहम कदम माना जा रहा है. यूजीसी ने अनिवार्य पीएचडी की प्रयोज्यता की डेट 01 जुलाई, 2021 से बढ़ाकर 1 जुलाई, 2023 करने का निर्णय लिया है. हालांकि, असिस्‍टेंट प्रोफेसर भर्ती (Assistant Professor Recruitment) के लिए यूजीसी नेट क्‍वालिफिकेशन करना अनिवार्य होगा. वहीं आयोग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, "उच्च शिक्षा के शीर्ष निकाय UGC ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षकों और अन्य शैक्षणिक कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए न्यूनतम योग्यता और उच्च शिक्षा में मानकों के नियमों में बदलाव किया है. कहा जा रहा है कि अब 1 जुलाई, 2023 तक विश्वविद्यालयों के विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती के लिए पीएचडी डिग्री अनिवार्य योग्यता नहीं होगी.

वहीं यूूूूूजीसीसीस ने आगे कहा, "यह संशोधन भारत के राजपत्र के भाग- तृृृृतीयय, खंड- 4 में हिंदी और अंग्रेजी में प्रकाशित किया गया है, जिसे आधिकारिक वेबसाइटों से डाउनलोड किया जा सकता है." बता दें कि महामारी के कारण उत्पन्न समस्‍याओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है. आधिकारिक अधिसूचना केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पीएचडी आवश्यकता पर 1 वर्ष की छूट की घोषणा के बाद जारी की गई है. अधिकांश शीर्ष संस्थानों और विश्वविद्यालयों को शिक्षकों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है और इस निर्णय से इन भर्तियों में तेजी आ सकेगी.