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झांसी: मुठभेड़ के बाद तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, चुनाव से पहले बेचने आए थे हथियार

झांसी: मुठभेड़ के बाद तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, चुनाव से पहले बेचने आए थे हथियार
UP City News | Jan 16, 2022 10:06 AM IST

झांसी. नोएडा एसटीएफ और झांसी स्वॉट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ के बाद तीन बांग्लादेशी नगारिकों को गिरफ्तार कर लिया. इस दौरान उनके दो साथी भागने में सफल हो गए. तलाशी में इनके पास से दो तमंचे समेत दिल्ली में बनवाया गया आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया गया. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे उत्तर प्रदेश चुनाव से पूर्व जिले में हथियारों को बेचने के उद्देश्य से आए थे.
पुलिस इनके सा​थियों की तलाश में संभावित स्थानों पर दबिश दे रही है.

एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी ने बताया कि स्वॉट टीम को नोएडा एसटीएफ से बांग्लोदशी नागरिकों के ग्वालियर रोड पर रक्सा तिराहा के पास नहर पटरी पर होने की सूचना मिली. इसके बाद दोनों टीमों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए शुक्रवार देररात आरोपियों की घेराबंदी की. खुद को घिरता देखकर आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया. जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन बांग्लादेशी नागरिकों सुलेमान (30) उर्फ जिलमन निवासी कुंवरखली जिला भगरठ खुलना बांग्लादेश, अलामीन उर्फ मिंटू (37) निवासी मोरल एवं जाकिर खान उर्फ असलम (32) निवासी भागेरहट बांग्लादेश को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि दो बदमाश भागने में सफल हो गए.

पुलिस ने अलामीन के पास से संभालपुर गुजरान करावल, उत्तरी पूर्वी दिल्ली के पते पर बना आधार कार्ड बरामद किया है. इसके साथ ही इनके पास से गाजियाबाद का बना ड्राइविंग लाइसेंस भी मिला है. उन्होंने बताया कि उन्होंने गाजियाबाद में एजेंट के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया था. उनके पास कोई भी जरूरी कागज नहीं थे और एजेंट ने चार हजार रुपये में उनका लाइसेंस बनवाकर दे दिया. पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे फरक्का जिले की ओर से बॉर्डर पार कर भारत में दाखिल हुए थे. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

गुरुजी ने बनवाया था आधार कार्ड
पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि वे भारत आने के बाद दिल्ली में गुरुजी के संपर्क में आए. उसने ही उनका आधार कार्ड बनवाया था. इस आधार कार्ड के माध्यम से ही उन्हें दिल्ली के पते पर मोबाइल सिम मिल गया था. अब वे झांसी का आधार कार्ड बनवाना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने गुरुजी से संपर्क किया था. उन्होंने दस दिन इंतजार करने की बात कही थी.