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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संपूर्ण लॉकडाउन को ही क्यों बताया कोरोना को कंट्रोल करने का एकमात्र विकल्प

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संपूर्ण लॉकडाउन को ही क्यों बताया कोरोना को कंट्रोल करने का एकमात्र विकल्प
UP City News | May 04, 2021 12:40 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना की दूसरी लहर लोगों में दहशत पैदा कर रही है. हर दिन हजारों की संख्या में कोरोना से मौत हो रही हैं. श्मशान और कब्रिस्तानों में दिख रहीं लाशों से लोग गम में डूबे हैं. ऊपर पर आक्सीजन, बेड और इंजेक्शन की कमी से लोग परेशान भी हैं. लगातार बढ़ रहे कोरोना मरीजों की संख्या को रोकने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने संपूर्ण लॉकडाउन को ह एक मात्र विकल्प बताया. उन्होंने कहा कि देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को रोने के लिए फुल लॉकडॉउन बेहद जरूरी है. अगर, सरकार ने ऐसा नहीं किया तो हालात और बिगड़ जाएंगे.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि भारत सरकार यह समझ नहीं पा रही है. जबकि कोरोना के प्रसार को रोकने का एकमात्र विकल्प पूर्ण लॉकडाउन है.एक एजेंसी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ‘तथ्य यह है कि यह सरकार शुरू से कोरोना महामारी को समझने और उससे निपटने में पूरी तरह विफल रही है. ‘‘खुद पर भरोसा करें, यही सूत्रवाक्य है. कोई आपकी सहायता के लिए नहीं आएगा. निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री भी नहीं.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार के लिए कोविड-19 की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गई है. आश्चर्य जताया कि क्या राज्यों और नागरिकों को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने का उनका यही तरीका है.
कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि देश में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार को रोकने का एकमात्र तरीका फुल लाकडाउन है.साथ ही उन्होंने सरकार से कम आय वाले लोगों के लिए योजना के तहत आर्थिक सहयोग करने की भी बात मांग की. राहुल गांधी ने मंगलवार को कोरोना से मौतों में वृद्धि पर केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए पूर्ण लॉकडाउन एकमात्र तरीका है.केंद्र सरकार की निष्क्रियता के कारण कई निर्दोष लोग मर रहे हैं.
गांधी ने कहा, ‘पीएम मोदी ने बढ़ते मामलों की लगातार उपेक्षा की और चुनाव प्रचार में व्यस्त रहे. उन्होंने वायरस फैलाने वाले कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया. पिछले कुछ दिनों में हमारे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सार्वजनिक जगहों पर भी मास्क लगाए नजर नहीं आए, वे किस तरह का संदेश लोगों को दे रहे थे?’ वह पिछले दिनों पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव कराया गया है.