सिटी न्यूज़

वसीम रिजवी ने फिर जहर उगला, कहा- एनआरसी लागू हो, मदरसे बंद किये जायें, कुरान की विवादित आयतें बैन हों

वसीम रिजवी ने फिर जहर उगला, कहा- एनआरसी लागू हो, मदरसे बंद किये जायें, कुरान की विवादित आयतें बैन हों
UP City News | May 05, 2021 09:48 AM IST

लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश के शिया वक्‍फ बोर्ड के पूर्व चेेयरमैन वसीम रिजवी ने फिर जहर उगला है. हमेशा विवादित बयानों को लेकर चर्चा में रहे वाले वसीम रिजवी ने एक बार फिर विवादित बयान देकर आग में घी डालने का काम किया है. उन्होंने एक बार फिर कुरान की आयतों को बैंड करने की मांग दोहराई और मदरसों को बंद करने की मांग की. इसके साथ ही कोरोना महामारी खत्म होने के बाद एनआरसी लागू करने की मांग की है. इसके अलावा वसीम ने बंगाल में ममता बनर्जी की जीत को एक एक एजेंडे के तहत दर्ज की गई जीत बताया. इसके पीछे साजिश करार दी.

शिया वक्फ बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी ने 1 मिनट 54 सेकेंड का वीडियो जारी करके कहा कि 'जेसै ही कोरोना महामारी खत्म हो, एनआरसी लागू होना चाहिए. छोटे मदरसे बंद होने चाहिए. जिन्हें मदरसों में तालीम (शिक्षा) लेनी है वो हाईस्कूल के बाद मदरसों दाखिला लें.' 'कहा कि कुरान की वो आयतें जो कहीं न कहीं मतभेद पैदा कर रही हैं जो आंतक की तालीम दे रही हैं. जिनकी अब कोई जरूरत नहीं है. उनका प्रचार और प्रसार मस्जिदों औरा मदरसों से बैंड कर दिया जाना चाहिए. ये हमारे देश के लिए ये बेहद जरूरी है.

'बंगाल के चुनाव का जिक्र करते हुए वो बोले, 'क्योंकि अभी आपने बंगाल का चुनाव देखा. बंगाल में सबसे ज्यादा बंगलादेश के मुसलमान घुसपैठ किए हुए हैं और बडी तादाद में रह रहे हैं. हिंदुस्तान में जहां-जहां घुसपैठिए हैं. वो एक मकसद के तहत आए हैं. बंगाल के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ हिंदुत्व के खिलाफ एकजुट होकर उन्होंने ममता बजर्नी को वोट दिया. जहां पर मुस्लिम निर्णायक वोट था वहां पर सारी सीटें ममता बनर्जी ने जीतीं.'

आगे कहा कि 'ये मुसलमान किसी के वोट बैंक नहीं हैं. किसी सियासी पार्टी के साथ नहीं हैं. वो हिंदुत्‍व के दुश्मन हैं. भारतीय जनता पार्टी के दुश्मन हैं. वो उसी को वोट देते हैं जो भारतीय जनता पार्टी को हरा रही हो. ये अच्छे संकेत नहीं हें. ये हिंदुस्तान को बबार्द करने के संकते हैं. हिंदुस्तान के विकास के लिए हिंदुस्तान को मजबूत करने के लिए सारे धर्मों को एक होना पड़ेगा. जिस तरह से विभाजन हो रहा है. जिस तरह से सियासी पार्टियां गेम खेल रही हैं. ये हिंदुसतान को तोड़ने की कोशिश कर रही है. हिंदुस्तान में गृह युद्ध छेड़ने की कोशिश कर रही हैं.'