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चुनाव आयोग ने कोविड-19 गाइडलाइंस उल्लंघन की पहली गलती बताकर सपा को छोड़ा

चुनाव आयोग ने कोविड-19 गाइडलाइंस उल्लंघन की पहली गलती बताकर सपा को छोड़ा
UP City News | Jan 19, 2022 02:24 PM IST

नईदिल्ली. भारतीय चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी को राहत दी है. 14 जनवरी को लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने सदस्यता ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था. इस मामले में कोविड-19 की गाइड लाइन के खिलाफ जनसभा करने के लिए समाजवादी पार्टी को चुनाव आयोग ने हिदायत देकर छोड़ दिया है. चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी को हिदायत दी है कि भविष्य में सावधान रहें और पाबंदियों को सख्ती से पालन किया जाए.

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जानकारी के अनुसार 14 जनवरी को लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने सदस्यता ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया था. समारोह में स्वामी प्रसाद मौर्य और भाजपा के बाकी बागी विधायकों ने सपा की सदस्यता ग्रहण की थी. कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ पहुंची थी. जबकि चुनाव आयोग ने कोरोना के बढ़ते प्रकोप की वजह से चुनावी रैलियों और जनसभाओं पर पूरी तरह से रोक लगा रखी थी. सदस्यता ग्रहण समारोह में उमड़ी भीड़ की वजह से कोरोना गाइडलाइन और निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन हुआ था. निर्वाचन आयोग ने नोटिस जारी कर सपा से जवाब भी मांगा था.

वहीं, सपा कार्यालय में शुक्रवार को आयोजित सदस्यता ग्रहण समारोह में कोविड प्रोटोकॉल और धारा 144 के उल्लंघन का मामला गौतमपल्ली थाने में दर्ज किया गया था. भाजपा छोड़कर सपा में गए कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या, धर्म सिंह व अन्य नेताओं के सदस्यता ग्रहण समारोह के लिए अनुमति नहीं ली गई थी. डीसीपी मध्य अपर्णा गौतम के मुताबिक गौतमपल्ली थाने के बंदरियाबाग चौकी प्रभारी अजय सिंह ने ड्यूटी के दौरान देखा कि सपा कार्यालय परिसर के अंदर दो से ढाई हजार कार्यकर्ता जुटे हैं. वहीं इनके वाहनों से मार्ग अवरुद्ध हो गया. डीसीपी मध्य अपर्णा गौतम के मुताबिक चुनाव आयोग ने 9 जनवरी को आदर्श आचार संहिता लागू की थी. उस दिन घोषणा हुई थी कि 15 जनवरी तक रैली, जुलूस व बैठक का आयोजन नहीं किया जाएगा. इसकी सूचना सभी राजनीतिक दलों को दी गई थी, लेकिन सपा के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के निर्देशों का खुला उल्लंघन किया है.