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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्य पर फिर लगाया प्रतिबंध, पढ़ें कोर्ट का ओदश

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्य पर फिर लगाया प्रतिबंध, पढ़ें कोर्ट का ओदश
UP City News | Nov 25, 2021 12:40 PM IST

नई दिल्ली. भारत की राजधानी क्षेत्र (NCR) में खराब वायु गुणवत्ता के मद्देनजर निर्माण प्रतिबंध फिर से लागू कर दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी (National Capital) क्षेत्र में ये प्रतिबंध लागू किया है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट (Supreme court )ने अपने आदेश में निर्माण से संबंधित गैर-प्रदूषणकारी गतिविधियां जैसे प्लंबिंग, आंतरिक सजावट, बिजली का काम और बढ़ईगीरी जारी रखने की भी बात कही है.

इस मलसे पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत राज्यों को निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए श्रम उपकर के रूप में एकत्र किया गया धन उन्हें उस अवधि में आजीविका चलाने के लिए मुहैया कराया जाए. भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और सूर्य कांत की खंडपीठ ने आदेश जारी किया है. कहा गया कि हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए 22 नवंबर को एनसीआर में निर्माण गतिविधियों पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया था लेकिन एक बार फिर दिक्कतों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने प्रतिबंध लगाने का आदेश दे दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “दिल्ली के लिए एक सांख्यिकीय मॉडल होना चाहिए. यह राष्ट्रीय राजधानी है. कल्पना कीजिए कि हम दुनिया को किस तरह के संकेत भेज रहे हैं. मौसम कैसा रहने वाला है, इसका अनुमान लगाने के लिए आपके पास एक प्रणाली होनी चाहिए. इसके लिए तदर्थ उपाय पर्याप्त नहीं होंगे.”

वहीं पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से सवाल भी किया. अपने सवाल में पूछा कि बताइए “दिल्लीवालों को प्रदूषण के गंभीर या बहुत खराब स्तर का सामना क्यों करना पड़ता है? आपके पास मौसम और हवा की दिशाओं के आधार पर एक वैज्ञानिक मॉडल होना चाहिए, जिसकी भविष्यवाणी मौसम विभाग द्वारा की जा सके. अब आपके पास सुपर कंप्यूटर हैं. आप इन सभी इनपुट्स के आधार पर एक सांख्यिकीय मॉडल तैयार कर सकते हैं जो प्रदूषण के अपेक्षित स्तरों को इंगित करेगा। तब आप इस मॉडल के आधार पर प्रदुषण से निपटने के लिए उचित उपाय भी कर सकेंगे.'

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वहीं केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि प्रदूषण पर दिए गए एक दलील के लिहाजा पीठ ने मेहता से कहा 'तो, हम हवा के कारण बच गए हैं, प्रदुषण के ऊपर हम भगवान पर निर्भर हैं. लेकिन हम केवल हवा की दिशा या मौसम विभाग या भगवान भरोसे नहीं बैठे रह सकते. हमें बताएं कि आपने कौन से बड़े कदम उठाए हैं.'