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पीएम मोदी आज फिर कोरोना पर करेंगे देश के मुख्यमंत्रियों से मंथन

पीएम मोदी आज फिर कोरोना पर करेंगे देश के मुख्यमंत्रियों से मंथन
UP City News | Apr 08, 2021 10:06 AM IST

नई दिल्ली. देश में फिर से कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है. देश के कई राज्यों में तो स्थिति तो बेहद गंभीर बनी हुई है. इसे लेकर ज्यादा से ज्यादा सतर्कता बरतने को कहाजा रहा है. देश में जानलेवा हो रहे कोरोना वायरस पर मंथन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी आठ अप्रैल की शाम 6:30 बजे फिर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों बैठक करेंगे. पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों से कोरोना के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए चर्चा करेंगे. बता दें कि दो दिन पहले ही पीएम मोदी ने कोरोना रिव्यू मीटिंग की थी, जिसमें अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि कोरोना रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं.

देश में कोरोने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो यह कोरोना पहले से ज्यादा खतरनाक होकर लौटा है. कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच 18 राज्यों में दोहरे म्यूटेंट वायरस के स्ट्रेन ने देश की और भी चिंता बढ़ा दी है. भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि यह वायरस प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने में सक्षम तो है ही पहले से ज्यादा खतरनाक भी है. इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकारों को त्योहारों पर ज्यादा सख्ती बरतने के अलावा सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी आठ अप्रैल की शाम फिर से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों बैठक करेंगे. पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों से कोरोना के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए चर्चा करेंगे.

भारत में कोरोना से हालात हर दिन गंभीर होते जा रहे हैं. खासकर कुछ राज्यों में जहां हर दिन कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. पिछले 24 घंटो में सामने आए मामलों में 81% और 24 घंटो में कोरोना से हुई मौतों में से 84% आठ राज्यों में हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में 12 ऐसे राज्य हैं, जहां कोरोना के मामले तेज़ी बढ़ रहे हैं और संक्रमण से लोगों की जान जा रही है.

हाल ही में शुक्रवार को कैबिनेट सचिव, राजीव गौबा के साथ हुई बैठक में, 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को उनके बढ़ते दैनिक मामले और रोजाना हो रही मौतों के कारण महाराष्ट्र, पंजाब, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, चंडीगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और हरियाणा को गंभीर चिंता वाले राज्य के रूप में वर्गीकृत किया गया.