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Lakhimpur Kheri violence : सुप्रीम कोर्ट ने कहा—गवाहों की सुरक्षा जरूरी, बयान दर्ज करने में लाएं तेजी

Lakhimpur Kheri violence : सुप्रीम कोर्ट ने कहा—गवाहों की सुरक्षा जरूरी, बयान दर्ज करने में लाएं तेजी
UP City News | Oct 26, 2021 01:47 PM IST

दिल्ली. लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri violence) मामले में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने उत्तर प्रदेश सरकार (UP government) को गवाहों को सुरक्षा देने का निर्देश दिया. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने गवाहों के बयान तेजी से दर्ज करने की बात कही. मंगलवार को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने उत्तर प्रदेश सरकार (UP government) से लखीमपुर हिंसा में पत्रकार रमन कश्यप और एक श्याम सुंदर की हत्या की जांच पर जवाब दाखिल करने को भी कहा है. मामले की सुनवाई के लिए अब आठ नवंबर की तिथि तय की गई है.

लखीमपुर खीरी हिंसा (Lakhimpur Kheri violence) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान यूपी सरकार (UP government) अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा दिया. यूपी सरकार (UP government) की ओर से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे (Harish Salve) ने कहा कि घटना के 30 गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने हो चुके हैं. इनमें 23 प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं और कुछ ही लोग दूसरे राज्य के थे, जो सबसे नजदीक थे. लोगों ने कार और कार के अंदर मौजूद लोगों को देखा है, उनकी गवाही अहम है. वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे (Harish Salve) ने कहा कि मैं चाहता हूं कि कोर्ट कुछ गवाहों के मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान को देखें. इस पर सीजेआई (CJI) ने कहा कि वहां जुटी भीड़ में बहुत से लोग सिर्फ तमाशबीन रहे होंगे.

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) ने कहा कि घटना के दौरान 4-5 हजार लोगों की भीड़ थी, जो सभी स्थानीय लोग हैं और यहां तक ​​कि घटना के बाद भी ज्यादातर आंदोलन करते रहे हैं. हमें यही बताया गया है. फिर, इन लोगों की पहचान में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए. गंभीर गवाहों की पहचान ज़रूरी है. सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या कोई गवाह घायल भी है? वीडियो का परीक्षण जल्दी करवाइए अन्यथा हमें लैब को निर्देश देना होगा. साथ ही कोर्ट (Supreme court) ने कहा कि गवाहों की सुरक्षा भी जरूरी है. हमने राज्य सरकार की तरफ से दाखिल रिपोर्ट देखी है. जांच में प्रगति हुई है लेकिन हम गवाहों की सुरक्षा का निर्देश देते हैं. सभी गवाहों के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाए जाएं।