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ताबड़तोड़ हिंसा, हंगामे के बीच ममता बनर्जी ने ली लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ

ताबड़तोड़ हिंसा, हंगामे के बीच ममता बनर्जी ने ली लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ
UP City News | May 05, 2021 11:16 AM IST

कोलकाता. पश्चिमी बंगाल में हुए चुनाव में ममता बनर्जी की टीएमसी ने भाजपा सहित अन्य दलों को बरी तरह से शिकस्त दी है. टीएमसी ने 213 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. यहां पर भाजपा ने भी एक नया रिकार्ड बनाने के साथ बेहतर प्रदर्शन करते हुए तीन सीटों से 77 सीटें हासिल की हैं. अब बुधवार यानी 5 मई 2021 को उस समय नया इतिहास बना दिया जब टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने तीसरी बार प्रदेश की मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. कोरोना के कारण शपथ ग्रहण समारोह बेहद साधारण तरीके से आयोजित किया गया. इसमें किसी भी नेता को नहीं बुलाया. ममता बनर्जी ने 2 मई को विधानसभा चुनावों में जीत के बाद ही शपथ ग्रहण के सादगी से आयोजन की घोषणा कर दी थी.बता दें कि बंगाल में टीएमसी को 213, भाजपा को 77 बामदल एक अन्य को भी एक सीट मिली है.
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पांच मई 2021 की सुबह 10:45 बजे राजभवन में एक छोटे से समारोह के दौरान मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्हें राज्यपाल ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि समारोह के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य, पिछली विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान और माकपा के वेटरन नेता बिमान बोस को निमंत्रण भेजा गया है. साथ ही पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान व बीसीसीआई के मौजूदा चेयरमैन सौरभ गांगुली को भी आमंत्रित किया गया है. सुबह 10.45 बजे शुरू होने वाले समारोह के लिए कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर किसी भी अन्य राज्य के मुख्यमंत्री या राजनेता को बुलावा नहीं भेजा गया है.
बुधवार को सिर्फ ममता बनर्जी ने ही शपथ ग्रहण की. बाद में उनकी कैबिनेट के अन्य मंत्री शपथ लेंगे. इसके लिए अलग से टीएमसी के नेताओं के साथ बैठक के बाद फैसला लिया जाएगा.समारोह में ममता के भांजे व टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी, चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और टीएमसी नेता फिरहाद हाकिम भी उपस्थित रहे. शपथ ग्रहण करने के तत्काल बाद ममता बनर्जी राज्य सचिवालय जा सकती हैं. जहां उन्हें कोलकाता पुलिस की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा.
काफी उतार-चढ़ाव के बाद हारीं थी ममता बनर्जी
नई दिल्ली. दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद आखिरकार पश्चिम बंगाल में टीएमसी सुप्रीमो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट हार गईं थीं. चुनाव आयोग ने भाजपा के प्रत्याशी शुवेंद्रू अधिकारी को विजयी घोषित किया था. शुवेंद्रू को 1956 मतों से जीत मिली है.ममता बनर्जी और कभी उनके खास सिपहसलार रहे शुवेंदु अधिकारी के बीच दिन भर कांटे की टक्कर रही. शुरू में अधिकारी ममता से आगे निकलते नजर आए, वहीं बाद में ममता ने भी बढ़त ली. देर शाम खबर आई कि ममता ने शुवेंदु अधिकारी को 1200 वोटों से शिकस्त दे दी है. करीब एक घंटे बाद पता चला कि हारे सुवेंदु अधिकारी नहीं बल्कि ममता बनर्जी हैं. भाजपा प्रत्याशी अधिकारी ने ममता को 1736 मतों से हरा दिया है. काफी समय तक इस सीट पर हार-जीत को लेकर सस्पेंस रहा. बता दें कि हाल में ममता बनर्जी ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि बीजेपी को हराया जा सकता है. अब लोग यही चाहते हैं. लोगों ने रास्ता दिखाया है. लोकतंत्र में आपको दुस्साहस या अहंकार नहीं दिखाना चाहिए.
भाजपा कर रही है देशव्यापी आंदोलन
पश्चिम बंगाल में दो मई को चुनाव के नतीजे आते ही प्रदेश के कई हिस्सों से हिंसाएं हुई. रिपोर्ट के अनुसार, इस हिंसा में 11 लोगों की मौत हो गई. जिसमें BJP के 6और TMC के चार कार्यकर्ताओं की मौत होने की बात कही जा रही है. जबकि एक व्यक्ति को इंडियन सेक्युलर फ़्रंट का समर्थक बताया गया है. इसे लेकर भाजपा ने इस पर विरोध प्रदशर्न शुरू कर दिया. बुधवार को भाजपा ने देशव्यापी आंदोलन कर रही है. इसे लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा खुद भी बंगाल में ही मौजूद हैं और ममता बनर्जी के खिलाफ धरना दे रहे हैं.