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क्या है योगी आदित्यनाथ की हिंदू युवा वाहिनी का इतिहास, क्यों की गई खत्म

क्या है योगी आदित्यनाथ की हिंदू युवा वाहिनी का इतिहास, क्यों की गई खत्म
UP City News | Aug 05, 2022 01:01 PM IST

गोरखपुर. गोरखपुर के तत्कालीन सांसद और गोरखनाथ मंदिर के महंत योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2002 में हिंदू युवा वाहिनी का गठन किया था. उन्होंने इसे एक सांस्कृतिक संगठन बताया था. इसकी मूल विचारधारा हिंदुत्व और राष्ट्रवाद थी. हालांकि इस संगठन के सहारे योगी आदित्यनाथ ने राजनीति में एक मुकाम हासिल किया. उन्होंने तीन अगस्त को इस संगठन को खत्म करने की घोषणा कर दी.

हिंदू युवा वाहिनी पहले गोरखपुर तक सीमित था, लेकिन कुछ ही समय बाद पूरे पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश में फैल गया. राजनीतिक में भी दखल देने लगा. माना जाता है कि इस बढ़े राजनीतिक प्रभाव का लाभ योगी आदित्यनाथ को मिला. इन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर दबाव बनाने का प्रयास किया. वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बग़ावत कर दी थी. कई जगह भाजपा के खिलाफ भी प्रत्याशी उतार दिया था. कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इसी दबाव के कारण योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठ गए.

हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ता विभिन्न मामलों को लेकर आवाज भी उठाते रहे हैं. वर्ष 2007 में जब गोरखपुर में एक व्यापारी की हत्या हुई थी तो योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने प्रतिरोध किया था. तत्कालीन सरकार ने योगी आदित्यनाथ समेत तमाम लोगों को जेल में डाल दिया गया. वे 11 दिन तक जेल में रहे. अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदू युवा वाहिनी की सभी इकाइयों को भंग कर दिया है. लोग इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं. कोई यह कह रहा है कि नये सिरे से संगठन खड़ा होगा तो कोई दूसरी ही बात कर रहा है.

नाथ सम्प्रदाय का सबसे महत्वपूर्ण पीठ है गोरखनाथ मंदिर

गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र और पीठ है. नाथ संप्रदाय परंपरा के अनुसार इस स्थान की ऐतिहासिकता त्रेता युग तक जाती है. गुरु गोरक्षनाथ ने त्रेता युग में इसी स्थान को अपनी तपोस्थली बनाया. गुरु गोरक्षनाथ ने राप्ती तट पर जिस जगह तपस्या की और अपनी दिव्य समाधि लगाई उस जगह गोरखनाथ मंदिर की स्थापना की गई है. मंदिर परिसर लगभग 52 एकड़ में है. यह देश-विदेश से श्रद्धालु पूजा के लिए आते हैं.

वर्तमान में गोरखनाथ मंदिर के महंत यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं. गोरखनाथ मंदिर के भीतर गुरु गोरक्षनाथ की मूर्ति, चरण पादुकाएं हैं. इसके अलावा श्रीराम दरबार, गणेश मंदिर, काली माता स्थान, कालभैरव और शीतला माता का मंदिर है. भगवान शिव का शिवलिंग मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर, हट्टी माता मंदिर, संतोषी माता मंदिर, श्रीनवग्रह देवता, श्रीशनि देवता, भगवती बालदेवी, भगवान विष्णु का मंदिर भी है.